-दीपक दुआ...
7 अगस्त, 2020... लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए शुरू की गईं ‘वंदे भारत’ उड़ानों में से एयर इंडिया की उड़ान संख्या आईएक्स1344 दुबई से उड़ी। इस हवाई जहाज की मंज़िल थी केरल का कोझिकोड यानी कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा। कोरोना के डर से डरे-सिमटे 184 यात्रियों और 4 कर्मियों को लेकर दो पायलटों ने उड़ान भरी। दोनों पायलट खूब अनुभवी। बल्कि कैप्टन दीपक साठे तो वायुसेना में भी रह चुके थे। कोझिकोड पहुंचे तो अंधेरी रात, मूसलाधार बारिश और मौसम बेहद खराब। ऊपर से इस हवाई अड्डे का रनवे भी टेबल-टॉप। यानी किसी पहाड़ी पर मेज की ऊपरी सतह जैसा लंबा। पायलट दल ने तीसरी कोशिश में विमान रनवे पर उतारा लेकिन वह तय जगह तक रुक न सका और गीले रनवे से फिसलता हुआ पहाड़ी के किनारे से नीचे जा गिरा। दोनों पायलट और 19 यात्री मारे गए। किसकी गलती से? पायलट कसूरवार थे,
रनवे खराब था,
मौसम की मार थी या कुछ और...?
