-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
अपने पिता, अपनी
नौकरी और अपने-आप से नाखुश बेटे को पता चला कि उसके पिता की एक हादसे में मौत हो गई है। लेकिन पिता की जगह आ गई किसी औरत की बॉडी और पिता की बॉडी पहुंच गई उस औरत की बेटी के पास। अब बेटा निकला है अपने दोस्त के साथ उस औरत के शहर की तरफ। रास्ते में उस औरत की बेटी को भी उसे लेना है। कई अनुभव, कई
पंगे और कई बदलाव होते हैं इस सफर में।
अपने पिता, अपनी
नौकरी और अपने-आप से नाखुश बेटे को पता चला कि उसके पिता की एक हादसे में मौत हो गई है। लेकिन पिता की जगह आ गई किसी औरत की बॉडी और पिता की बॉडी पहुंच गई उस औरत की बेटी के पास। अब बेटा निकला है अपने दोस्त के साथ उस औरत के शहर की तरफ। रास्ते में उस औरत की बेटी को भी उसे लेना है। कई अनुभव, कई
पंगे और कई बदलाव होते हैं इस सफर में।