Showing posts with label Shiva Suryavanshi. Show all posts
Showing posts with label Shiva Suryavanshi. Show all posts

Sunday, 31 January 2021

रिव्यू-सिर्फ पढ़ाते नहीं, सोच भी बदलते हैं ‘मास्साब’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
किसी गांव की प्राथमिक पाठशाला में एक मास्साब (मास्टर साहब) आए। आए तो पाठशाला की हालत खस्ता थी। असली की जगह नकली टीचर पढ़ा रहे थे। बच्चे भी बस मिड-डे मील के लालच में आते, घटिया खाना खाते और निकल लेते। मास्साब ने सुधार लाने शुरू किए तो धीरे-धीरे पाठशाला के साथ-साथ वहां के बच्चों, उस गांव और गांव के लोगों तक में सुधार आने लगा। कुछ समय बाद जब मास्साब वहां से विदा हुए तो पूरे गांव की आंखों में आंसू थे।