सेना के जवानों और उनके परिवार वालों को हमारी फिल्में अक्सर दिखाती रहती हैं। इस फिल्म की कहानी ज़रा-सा हटके चलती है। फौजी पापा सरहद पर शहीद हो गए लेकिन छोटी बच्ची को सदमा न लगे इसलिए उसे यह नहीं बताया जाता। उसे लगता है कि उसके पापा भगवान के पास गए हैं और भगवान वो सामने वाले जंगल के पार पहाड़ पर रहते हैं। एक दिन वह बच्ची अपने पापा को लाने के लिए भगवान से मिलने चल देती है और...!
