Showing posts with label gauravv k. chawla. Show all posts
Showing posts with label gauravv k. chawla. Show all posts

Friday, 26 October 2018

रिव्यू-बिना घी की खिचड़ी है ‘बाज़ार’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
इलाहाबाद के लौंडे को यह शहर छोटा लगता है, अपने पिता की ईमानदारी और वफादारी ओछी लगती है। उसे तो मुंबई जाना है, ऊंचा उड़ना है। अपने भगवान शकुन कोठारी की तरह पैसे कमाने हैं। मुंबई पहुंचने के छह ही महीने में वह शकुन का खास आदमी बन भी जाता है। लेकिन उसकी अंतरात्मा उसे शकुन की तरह गलत रास्ते पर चलने से रोक लेती है और वह अपने इस गुरु को ही सबक सिखाने में जुट जाता है।