एक बंद फ्लैट। दो साल की पीहू। पापा घर पर नहीं हैं और मां कुछ गोलियां खाकर मर चुकी है। घर में हर तरफ खतरा ही खतरा और इन खतरों से दो-चार होती पीहू। जलती हुई इस्त्री पर कपड़ा फेंकती पीहू। माइक्रोवेव में रोटी गर्म करती पीहू। फ्रिज में घुस कर खुद को अंदर से बंद करती पीहू। गैस जलाती पीहू। गीजर ऑन करती पीहू। बाल्कनी की रेलिंग पर चढ़ती पीहू। फिनाइल को दूध समझ कर पीती पीहू। नींद की गोलियां खाती पीहू। बिजली के नंगे तारों के बीच रहती पीहू।
