-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
पंजाबी फिल्मों के मस्ती-मज़ाक और हो-हल्ले के बीच ‘अरदास करां’ किसी सुहानी हवा के खुशबूदार झोंके सरीखी लगती है। पंजाबी गायिकी के स्टार गिप्पी ग्रेवाल ने एक्टिंग के मैदान में उतरने के बाद 2016 में ‘अरदास’ से निर्देशन की कमान संभाली थी जिसे काफी ज़्यादा पसंद किया गया था। अब इस फिल्म में वह एक बार फिर निर्देशक और एक्टर के तौर पर सामने आए हैं।
पंजाबी फिल्मों के मस्ती-मज़ाक और हो-हल्ले के बीच ‘अरदास करां’ किसी सुहानी हवा के खुशबूदार झोंके सरीखी लगती है। पंजाबी गायिकी के स्टार गिप्पी ग्रेवाल ने एक्टिंग के मैदान में उतरने के बाद 2016 में ‘अरदास’ से निर्देशन की कमान संभाली थी जिसे काफी ज़्यादा पसंद किया गया था। अब इस फिल्म में वह एक बार फिर निर्देशक और एक्टर के तौर पर सामने आए हैं।
ब्रिटेन में रह रहे पंजाबी परिवारों में आ रहे और आ चुके जेनरेशन गैप और तालमेल की कमियों की बात कहती इस फिल्म की कहानी साधारण है। अपने-अपने बच्चों से तंग आकर कुछ दिन के लिए दुनिया घूमने निकल पड़े तीन बुज़ुर्गों को उनका ड्राईवर मैजिक (गुरप्रीत घुग्गी) ज़िंदगी को खुल कर जीने के ऐसे-ऐसे मंत्र बताता है कि इन तीनों का घर-परिवार और ज़िंदगी पर विश्वास लौटने के साथ-साथ और पुख्ता हो उठता है। यह अलग बात है कि इन्हें जीना सिखा कर मैजिक खुद मर जाता है।