Showing posts with label tubelight. Show all posts
Showing posts with label tubelight. Show all posts

Monday, 19 June 2017

ईद पर चमकेगी भाई की ट्यूबलाइट…?


-दीपक दुआ...  
हर साल ईद पर सलमान खान की फिल्म का आना और छाना एक रिवायत बन चुकी है। इस बार ट्यूबलाइटइस परंपरा को कितना आगे ले जा पाएगी, यह देखने के लिए अब बस थोड़ा ही इंतजार बाकी है।
 
ईद यानी सेवइयां, मिठाइयां, नए कपड़े और... भाई की फिल्म। जी हां, ईद के मौके पर सलमान खान की फिल्म आए तो लगता है जैसे ठीक से ईदी मिली हो। पिछले कई साल से इस मौके पर सलमान की कोई कोई फिल्म आकर दर्शकों को भरपूर मनोरंजन देती रही है और अब आलम यह है कि ईद के मौके पर फिल्म वाले खुद पीछे हट कर सलमान को आगे आने देते हैं। बाॅक्स-आॅफिस विश्लेषक विनोद मिरानी कहते हैं, ‘सलमान अकेले ऐसे स्टार हैं जिनकी फिल्में उनके स्टारडम के बूते पर भीड़ खींचती हैं जबकि बाकी सितारों की फिल्मों में ज्यादातर लोग पहले रिव्यू देखते हैं और रिपोट्र्स का इंतजार करते हैं।

हालांकि अभी तक भी यह साफ नहीं हो पाया है कि ट्यूबलाइटमें आखिर होगा क्या? लेकिन फिल्म के ट्रेलर और इससे जुड़े लोगों के इंटरव्यूज से जो छन कर रहा है उससे यह पता चलता है कि 1962 के भारत-चीन युद्ध की पृष्ठभूमि में यह फिल्म प्यार-मोहब्बत का संदेश तो देगी ही, देशभक्ति का छौंक भी इसमें लगा होगा। वैसे भी पिछले कुछ समय से सलमान खान की फिल्में अब साधारण हीरो-हीरोइन वाली कहानियों से हटी हैं और भाई ने भी अपनी छिछोरे नायक वाली इमेज से हटते हुए बजरंगी भाईजानऔर सुलतानजैसी जो फिल्में की हैं, उससे भी इस फिल्म को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।

वैसे फिल्म इंडस्ट्री के ही एक तबके के अलावा काफी सारे दर्शकों को भी यह लग रहा है कि टयूबलाइटके ट्रेलर में वह बात नहीं है जो सलमान की फिल्मों में होती है और हो सकता है कि यह फिल्म शुरूआती बुलबुला फूटने के बाद शांत हो जाए। विनोद मिरानी कहते हैं, ‘मुमकिन है यह इस फिल्म की मार्केटिंग का ही हिस्सा हो कि दर्शकों को एकदम से सब कुछ बता कर धीरे-धीरे बताया जाए ताकि रिलीज तक आते-आते उनकी उत्सुकता शिखर पर पहुंच जाए।

रमजान के चार हफ्ते के सूखे कारोबार के बाद ईद-उल-फितर यानी मीठी ईद के अगल-बगल आने वाले शुक्रवार की गिनती साल के ऐसे चंद मौकों में की जाती है जब कोई बहुत बड़ी फिल्म आकर मैदान कब्जाती है। दरअसल फिल्म इंडस्ट्री के कारोबारी यह मानते हैं कि ईद या दीवाली जैसे बड़े त्योहारों के दिनों में आम आदमी खुशियां मनाने के मूड में होता है। यही कारण है कि ईद पर किसी बड़ी फिल्म के आने का ऐलान साल भर पहले से हो जाता है और अगर वह फिल्म सलमान भाई की हो तो फिर कहना ही क्या।

2009 में वांटेड’, 2010 में दबंग’, 2011 में बाॅडीगार्ड’, 2012 में एक था टाईगरजैसी लगातार कामयाबियों के बाद 2013 में भले ही सलमान की गैरमौजूदगी में शाहरुख खान की चैन्नई एक्सप्रैसने आकर अच्छी कमाई की हो मगर 2014 में सलमान लौट आए और किकजैसी औसत दर्जे की फिल्म देने के बावजूद इसे सुपरहिट का खिताब दिलवा गए। फिर 2015 में तो उन्होंने बजरंगी भाईजानसे सिर्फ सफलता पाई बल्कि अपने लिए ढेरों प्यार और तारीफें भी ले उड़े। 2016 की ईद पर सलमान ने सुलतानसे फिर मैदान मारा और अब वह ट्यूबलाइटके साथ रहे हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है और संभावनाओं की बौछार के साथ-साथ आशंकाओं के बादल भी मंडरा रहे हैं। भाई और उनकी फिल्म कितनी चमक बिखेरेंगे, यह जल्द ही सबके सामने होगा।
(दीपक दुआ फिल्म समीक्षक व पत्रकार हैं। 1993 से फिल्मपत्रकारिता में सक्रिय। मिजाज से घुमक्कड़। समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, न्यूज़ पोर्टल आदि के लिए नियमित लिखने वाले दीपक रेडियो व टी.वी. से भी जुड़े हुए हैं।)