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Saturday, 10 December 2016

आखिर दिखाना क्या चाहते हैं आदित्य चोपड़ा...?

-दीपक दुआ...

पारिवारिक फिल्में बनाते बनाते यशराज बैनर अबगर्म मसालापरोसने में लग गया है। यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा की अगली फिल्मबेफिक्रेका पोस्टर तो कम से कम यही कहता नजर रहा है।
 
आदित्य चोपड़ा की अगली फिल्मबेफिक्रेका फर्स्ट लुक देख कर दर्शक हैरान हैं जिसमें इस फिल्म के हीरो-हीरोइन रणवीर सिंह और वाणी कपूर एक-दूसरे के होंठों पर चुंबन लेते दिखाई दे रहे हैं। यहां यह और बता दें कि अंग्रेज़ी में इस तरह के चुंबन कोकिसिंगनहीं बल्किस्मूचिंगकहा जाता है। जाहिर है कि इस पोस्टर के आते ही खबरों का बाजार गर्म हो चुका है और आदित्य और यशराज बैनर की तरफ सवालिया निगाहें और उंगलियां भी उठने लगी हैं।
 
यशराज फिल्म्स की स्थापना भले ही यश चोपड़ा ने की हो लेकिन इस बैनर को सही मायने में एक कॉरपोरेट कंपनी में बदलने और विदेशों में भी इसकी धाक जमाने का काम अगर किसी ने किया तो वह यश जी के बड़े बेटे आदित्य ही हैं। छोटे उदय चोपड़ा ने चंद फिल्मों में एक्टिंग के नाम पर जो रायता बिखेरा उसे भी सही मायने मेंआदिने ही समेटा। अपने बैनर को आगे बढ़ाने की जुगत में आदित्य ने बतौर निर्माता ढेरों ऐसी फिल्मों पर भी दांव खेला जो यशराज की इमेज से मेल नहीं खाती थीं। एक वक्त तो ऐसा भी आया जब आदित्य के फिल्मों के चुनाव को लेकर यश जी ने दबे शब्दों में अपना विरोध भी जताया था। फिर रानी मुखर्जी से चले आदित्य के लंबे अफेयर और उनसे शादी रचाने के लिए अपनी पहली पत्नी पायल को तलाक देने के उनके फैसले के भी वह खिलाफ बताए जाते रहे। लेकिन हमेशा चुप रहने वाले आदित्य ने अपने मौन और अपनी बनाई फिल्मों की कामयाबी से यश जी को भी शांत बनाए रखा।
 
इस बीच खुद आदित्य ने बतौर निर्देशक तीन फिल्में बनाईं। इन तीनों ही फिल्मों-‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’, ‘मोहब्बतेंऔररब ने बना दी जोड़ीने बेपनाह कामयाबी पाई। गौरतलब है कि यशराज बैनर से बाकी डायरेक्टर भले ही किसी भी फ्लेवर की फिल्में बनाते रहे मगर खुद आदित्य ने अपने बैनर की साख और इमेज के मुताबिक ही साफ-सुथरी, पारिवारिक और अपने पिता की ही तरह मोहब्बत के अहसास को पाक-पवित्र बताती फिल्में ही बनाईं। लेकिन लगता है आदित्य अब वक्त के साथ चलने को बेताब दिखाई दे रहे हैं।
 
बेफिक्रेहालांकि 9 दिसंबर को रिलीज होगी और अपनी किसी फिल्म के आने से आठ महीने पहले उसका फर्स्ट लुक जारी करना आदित्य का स्टाइल नहीं रहा है। बल्कि वह तो ऐन वक्त तकछुपाओ और उत्सुकता बढ़ाओकी रणनीति पर चलने वालों में गिने जाते हैं। यहां तक कि आज जहां तमाम निर्माता अपनी फिल्म रिलीज होने से दो-चार या एक दिन पहले फिल्म इंडस्ट्री या फिल्म समीक्षकों के लिए शो रखते हैं, यशराज की फिल्में आज भी शुक्रवार से पहले किसी को नहीं दिखाई जातीं। ऐसे में आठ महीने पहले इस पोस्टर के आने के भी कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। फिल्मी पंडितों का मानना है कि इस पोस्टर को रिलीज कर के आदित्य असल में इस प्रतिकूल लगने वाली चीज के प्रति लोगों को अगले आठ महीने में अभ्यस्त करना चाह रहे हैं।
 
इस
पोस्टर में रणवीर और वाणी कामुक अंदाज में हैं और वाणी की टोपी परहू केयर्स मान एमोरलिखा है जिसका अर्थ होता हैकिसे फिक्र है मेरे प्यार की जाहिर है कि इस फिल्म में नायक-नायिका के बागी तेवर नजर आने वाले हैं जो जमाने की परवाह करते हुए अपने प्यार को पाने की कोशिशें करते दिखाई देंगे। बता दें कि नायक रणवीर सिंह की शुरूआत यशराज की हीबैंड बाजा बारातसे हुई थी और आज युवतियों के बीचहॉट प्रॉपर्टीबन चुके रणवीर यशराज के घरेलू हीरो हैं। वहीं वाणी की शुरूआत भी इसी बैनर कीशुद्ध देसी रोमांससे हुई थी जिसके लिए उन्हें फिल्म फेयर का बैस्ट डेब्यू का अवार्ड भी मिला था। वाणी को लेकर काफी उम्मीदें भी जताई गईं मगर उसके बाद से ही वाणी लापता रहीं और इस बीच साऊथ की एक फिल्म करने के बाद अब वह इस फिल्म में रही हैं।
 
इस फिल्म में और क्या होगा, कितनाखुलापनऔररंगीनियांआदित्य इसमें दिखाएंगे, इस बारे में कहीं कोई खबर नहीं है लेकिन वह कहते हैं कि चंद दाने बता देते हैं कि हांडी में क्या पक रहा है। तो बस, समझ जाइए यह पोस्टर देख कर। ‘बेफिक्रे’ का रिव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
(यह लेख अप्रैल, 2016 में लिखा औरहरिभूमिमें छपा है)