2004 का बगदाद। इराक में अमेरिकी-ब्रिटिश सेना को घुसे हुए साल भर हो चुका है। राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के पकड़े जाने के बावजूद ये लोग यहां जमे हुए हैं। यहां रह रहे ज़्यादातर भारतीय अपने देश को लौट चुके हैं मगर नेपाली पासपोर्ट पर यहां पहुंचे मदन तिवारी का परिवार यहीं फंसा हुआ है। बम धमाके, गोलीबारी इनके लिए आम है। मदन के बेटे चिंटू का आज बर्थडे है। सारी तैयारियां हो रही हैं कि तभी हो-हल्ला शुरू हो जाता है। एक बम फटता है और तफ्तीश के लिए दो फौजी इनके यहां घुस आते हैं।
Showing posts with label Devanshu Singh. Show all posts
Showing posts with label Devanshu Singh. Show all posts
Sunday, 28 June 2020
रिव्यू-उम्मीदों की रोशनी में ‘चिंटू का बर्थडे’
2004 का बगदाद। इराक में अमेरिकी-ब्रिटिश सेना को घुसे हुए साल भर हो चुका है। राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के पकड़े जाने के बावजूद ये लोग यहां जमे हुए हैं। यहां रह रहे ज़्यादातर भारतीय अपने देश को लौट चुके हैं मगर नेपाली पासपोर्ट पर यहां पहुंचे मदन तिवारी का परिवार यहीं फंसा हुआ है। बम धमाके, गोलीबारी इनके लिए आम है। मदन के बेटे चिंटू का आज बर्थडे है। सारी तैयारियां हो रही हैं कि तभी हो-हल्ला शुरू हो जाता है। एक बम फटता है और तफ्तीश के लिए दो फौजी इनके यहां घुस आते हैं।
Subscribe to:
Posts (Atom)