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Monday, 6 September 2021

रिव्यू-इस ‘हेलमैट’ से सिर मत फोड़िए

यू.पी. का शहर राजनगर। गरीब लड़के को पैसा चाहिए ताकि वह अमीर लड़की से शादी कर सके। अपने दो दोस्तों के साथ मिल कर वह एक ट्रक लूटता है। सोचता है कि डिब्बों में निकलेंगे मोबाइल फोन। लेकिन निकलते हैंहेलमैटयानी कंडोम। अब ये बेचारे क्या करें? ये लोग इनहेलमैटको ही बेचने निकल पड़े। खूब पैसा भी कमाया, मगर...!

Friday, 23 July 2021

रिव्यू-ऑनर बचाते गांठें खोलते ‘14 फेरे’

जब ऑनर (मान) ही बच गया तो फिर काहे की किलिंग...?’
दूसरी जात के लड़के से शादी कर रही लड़की जब अपने पिता से यह पूछती है तो पिता को कोई जवाब नहीं सूझता। देखा जाए तो यही रास्ता अपना कर हमारा आज का समाज भी दूसरी जात वालों को अपना रहा है। वरना कुछ समय पहले तक जहां अलग-अलग जाति के लड़का-लड़की घर से भाग कर शादी करते थे वहीं आज ऐसी बहुत सारी शादियां दोनों परिवारों की रज़ामंदी से होने लगी हैं ताकि दोनों तरफ का ऑनर बचा रहे।

Thursday, 15 July 2021

ओल्ड रिव्यू-न ‘ग्रेट’ न ‘ग्रैंड’, बस हल्की ‘मस्ती’

अगर सैक्स कॉमेडी लोगों को पसंद आतीं तो रिलीज़ होने से हफ्ता भर पहले लीक हो कर यह फिल्म हर जवां मोबाइल फोन में घूम रही होती।
 
अगर लोग इस तरह की फिल्मों के दीवाने होते तो ये बनतीं और ही कामयाबी पातीं।
 
अब बात यह कि क्या यह फिल्म वह मस्ती, वह मनोरंजन, वह गुदगुदाहट पैदा कर पाई है जिसके लिएमस्तीसीरिज़ की फिल्में जानी जाती हैं?

Sunday, 11 July 2021

रिव्यू-एक्शन इमोशन की फिल्मी घेराबंदी ‘टैंपल अटैक’ में

अहमदाबाद के एक मंदिर में चार आतंकी घुस आए हैं। उन्होंने कइयों को मार दिया है और कइयों को बंधक बना लिया है। उनकी मांग है कि जेल में बंद उनके एक साथी को रिहा किया जाए। एन.एस.जी. कमांडो आकर मोर्चा संभालते हैं और आतंकियों को मार गिराते हैं।
 

Wednesday, 26 May 2021

ओल्ड रिव्यू-डराती नहीं उलझाती है ‘फोबिया’

हॉरर फिल्में मुझे निजी तौर पर काफी पसंद हैं। मेरी तरह बहुतेरे लोग हैं जो सिनेमा के पर्दे से टपकते डरको देख कर आनंदित होते हैं। मैं यह भी स्वीकार करना चाहूंगा कि डरावनी या हॉरर फिल्में देखते हुए मुझे आमतौर पर डर नहीं लगता। लेकिन जितना मुझे पवन कृपलानी कीरागिनी एम.एम.एस.’ ने डराया था उतना शायद किसी और फिल्म ने नहीं। मैं आज तक इस फिल्म को दोबारा नहीं देख पाया। उनकीडर एट मॉलभी मुझे अच्छी लगी थी। ऐसे में उन्हीं की तीसरी फिल्मफोबियादेखने के विचार से ही मैं उत्साहित था। लेकिन मेरे उत्साह पर इस फिल्म ने पानी बिखेर दिया-ठंडा पानी...!