-दीपक दुआ...
आज सुबह
के साढ़े
चार बजे
थे जब
अमेरिका की
ऑस्कर अकादमी
से यह
मेल आया
कि ‘सर्वश्रेष्ठ
अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म’
(जिसे पहले
‘विदेशी भाषा
की सर्वश्रेष्ठ
फिल्म’ कहा
जाता था)
के मुकाबले
के लिए
दुनिया भर
से आईं
93 फिल्मों में से
अगले राउंड
के लिए
15 फिल्मों का चयन
हो गया
है। लपक
कर मेल
खोला क्योंकि
इस बार
भारत ने
मलयालम की
जिस ‘जल्लीकट्टू’
को भेजा
था उससे
हर किसी
को बड़ी
उम्मीदें थीं।
लेकिन तब
निराशा हुई
जब इन
15 फिल्मों में ‘जल्लीकट्टू’
का नाम
नज़र नहीं
आया।

