जब बात भूत-प्रेत और काले जादू की हो तो मौजूदा दौर में राम गोपाल वर्मा और विक्रम भट्ट ही हैं जो इस मसाले की दुकानें खोले बैठे हैं। भट्ट कैंप की ‘राज’ सीरिज़ की इस तीसरी फिल्म की खासियत यह है कि इसे पहले पार्ट की तरह विक्रम भट्ट ने ही निर्देशित किया है और इस बार उन्होंने समझदारी यह दिखाई है कि एक भावना प्रधान प्रेम-कहानी के इर्द-गिर्द भूत-प्रेत और काले जादू का आडंबर रचा है। यही वजह है कि इधर आई विक्रम की अपनी ही भूतिया फिल्मों से भी यह फिल्म इक्कीस बैठती है।
