बच्चे गोद लेने चाहिएं या नहीं? और लेने के बाद अगर अपने बच्चे हो जाएं तो क्या उन्हें वापस छोड़ आना चाहिए? यह फिल्म इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूमती एक परिवार की ज़िंदगी को दिखाती है। जी हां, है तो यह पौने दो घंटे की एक फिल्म ही लेकिन थिएटर बंद हैं सो इसे डिज़्नी हॉटस्टार पर रिलीज़ किया गया है और फिल्मों की हालत इन दिनों मंद है सो इसे छोटे-छोटे 13 एपिसोड में काट कर बांटा गया है।
