-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
शहर के बाहरी पॉश इलाके की एक बड़ी कोठी में अकेली रह रही एक युवती को आधी रात को बेदर्दी से कत्ल कर दिया जाता है। हत्यारा सनकी है। वह वीडियो बनाते हुए लड़की की गर्दन को तलवार से अलग कर देता है और धड़ को जला देता है। हम अखबारों की सुर्खियां देखते हैं कि शहर में लगातार इस किस्म की वारदातें हो रही हैं। हमें लगता है कि यह फिल्म सीरियल किलिंग दिखाने वाली एक मर्डर-मिस्ट्री होगी। क्या सचमुच...?
शहर के बाहरी पॉश इलाके की एक बड़ी कोठी में अकेली रह रही एक युवती को आधी रात को बेदर्दी से कत्ल कर दिया जाता है। हत्यारा सनकी है। वह वीडियो बनाते हुए लड़की की गर्दन को तलवार से अलग कर देता है और धड़ को जला देता है। हम अखबारों की सुर्खियां देखते हैं कि शहर में लगातार इस किस्म की वारदातें हो रही हैं। हमें लगता है कि यह फिल्म सीरियल किलिंग दिखाने वाली एक मर्डर-मिस्ट्री होगी। क्या सचमुच...?
शहर के वैसे ही इलाके की एक बड़ी कोठी में एक गार्ड और अपनी केयरटेकर के साथ रह रही युवती सपना (तापसी पन्नू) को अंधेरे से डर लगता है। उसके अतीत का एक हादसा उसे कोंच रहा है। हमें लगता है कि यह एक साइक्लॉजिकल थ्रिलर होगी। क्या सचमुच...?
सपना ने साल भर पहले अपनी कलाई पर एक टैटू बनवाया था। अक्सर उसे इस जगह पर भयंकर दर्द होता है। इस टैटू से जुड़ा एक सच सामने आता है तो सपना के साथ हम भी चौंकते हैं। हमें लगता है कि यह एक हॉरर फिल्म होगी। क्या सचमुच...?
