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Sunday, 10 January 2021

रिव्यू-फिल्म वालों के दोगलेपन की कहानी है ‘एके वर्सेस एके’

 -दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
बरसों पहले .के. यानी अनुराग कश्यप ने .के. यानी अनिल कपूर को ले कर एक फिल्म एनाउंस की थी जिसका नाम था-.के यानीआल्विन कालीचरण किन्हीं कारणों से वो फिल्म बन नहीं पाई। इस दौरान अनिल कपूर अनुराग जैसे डार्क फिल्में बनाने वालों से खुद को दूर रखते हुए मनोरंजक फिल्मों के स्टार बने रहे और अनुराग कश्यप अनिल जैसे लोगों को गरियाते हुए अपनी तरह के स्टार बन गए। यह फिल्म इन दोनों के मौजूदा स्टेट्स से शुरू होती है। अनुराग को अनिल से आज भी खुन्नस है। वह उनके साथ काम करना चाहते हैं लेकिन अनिल उन्हें वक्त नहीं दे रहे हैं। एक दिन अनुराग अनिल की बेटी सोनम को किडनैप कर लेते हैं और अनिल को मजबूर करते हैं कि वह कल सुबह से पहले अपनी बेटी को तलाशें और इस पूरी रात में एक कैमरा उन्हें लगातार शूट करता रहेगा। क्या होता है इस एक रात में? कितना सच (या झूठ) छुपा है इन दोनों की इस भिड़ंत में?

Sunday, 14 June 2020

रिव्यू-जब कहानी ‘चोक्ड’ हो और कुछ न बोले

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
मुंबई। पति बेरोज़गार संगीतकार। गाना छोड़ चुकी पत्नी बैंक की नौकरी से घर चला रही है। एक बच्चा। हालत तंग, आमदनी सीमित, प्यार गायब। किचन की नाली बार-बार चोक हो जाती है। एक रात उस नाली में से नोटों के बंडल निकलते हैं। अगली रात फिर। पत्नी खुश। पर कुछ ही दिन में सरकार नोटबंदी लागू कर देती है। पुराने नोट अब नहीं चलेंगे। अब क्या हो? किस के हैं ये नोट? क्या होगा लोगों का, नोटों का, इस परिवार का?

Thursday, 11 July 2019

रिव्यू-रियल हीरो की फिल्मी दास्तान दिखाती ‘सुपर 30’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक मेधावी छात्र गरीबी के कारण पढ़ने के लिए विदेश जा सका लेकिन शहर के एक महंगे कोचिंग सैंटर का स्टार टीचर बन कर तगड़ी कमाई करने लगा। एक दिन अपनी ही तरह के एक मेधावी मगर गरीब छात्र को देख कर उसकी आंखें खुलीं और उसने 30 गरीब मेधावी छात्रों को चुन कर उन्हें इंजीनियनिंग की प्रवेश-परीक्षा की तैयारी करवानी शुरू कर दी, अपने खर्चे पर। इस तरह से साल-दर-साल यह टीचर ऐसे 30 बच्चों के खाने-पीने, रहने-पढ़ने का खर्चा उठाता रहा और उनमें से ज्यादातर को आई.आई.टी. जैसे संस्थानों में पहुंचाता रहा। इस टीचर के रास्ते में ढेरों बाधाएं भी आईं लेकिन इसने हार मानी और एक दिन पूरी दुनिया ने इसे इज़्ज़त दी।