-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
बाबू (नवाजुद्दीन सिद्दिकी) आउटसोर्स करता है, यमराज के लिए। पैसे लेकर किसी को भी नीचे से ऊपर पहुंचाना उसका पेशा है। नेताओं और ठेकेदारों के इशारों पर वह किसी को भी टपका डालता है। फुलवा (बिदिता बाग) पर वह जान छिड़कता है। अचानक तस्वीर में आता है खुद को उसका चेला कहने वाला बांके (जतिन गोस्वामी)। अब दो-दो शूटर एक साथ कैसे रहें?
बाबू (नवाजुद्दीन सिद्दिकी) आउटसोर्स करता है, यमराज के लिए। पैसे लेकर किसी को भी नीचे से ऊपर पहुंचाना उसका पेशा है। नेताओं और ठेकेदारों के इशारों पर वह किसी को भी टपका डालता है। फुलवा (बिदिता बाग) पर वह जान छिड़कता है। अचानक तस्वीर में आता है खुद को उसका चेला कहने वाला बांके (जतिन गोस्वामी)। अब दो-दो शूटर एक साथ कैसे रहें?