मुंबई से अजमेर एक शादी में जा रहे परिवार की फ्लाइट छूट गई तो मजबूरन उन्हें एक म्यूज़िक बैंड के साथ उनकी बस में जाना पड़ा। यह परिवार अपनी इकलौती 18 बरस की लड़की की जबरन शादी करने पर तुला है जबकि लड़की राज़ी नहीं है। उधर इस बैंड की लड़की आज़ाद ख्याल है,
सिगरेट-शराब पीती है, अपनी मर्ज़ी से जीती है। वह लड़की की मां को समझाती है कि इतनी जल्दी क्या है बेटी को खूंटे से बांधने की। मां-बाप आखिर मान भी जाते हैं, लेकिन कैसे?
