-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
‘रेस’ के
नाम से याद आती हैं अब्बास-मस्तान के कसे हुए डायरेक्शन में बनीं वो दो जबर्दस्त थ्रिलर फिल्में जो एक-दूजे का सीक्वेल थीं। लेकिन इस वाली फिल्म की कहानी और किरदारों का उनसे कोई नाता नहीं है। अच्छा ही है। वरना उन फिल्मों का भी नाम खराब होता। नाम तो ‘रेस’
ब्रांड का अब भी डूबा ही है और ऐसा डूबा है कि शायद ही कभी उबर सके। खैर...!
‘रेस’ के
नाम से याद आती हैं अब्बास-मस्तान के कसे हुए डायरेक्शन में बनीं वो दो जबर्दस्त थ्रिलर फिल्में जो एक-दूजे का सीक्वेल थीं। लेकिन इस वाली फिल्म की कहानी और किरदारों का उनसे कोई नाता नहीं है। अच्छा ही है। वरना उन फिल्मों का भी नाम खराब होता। नाम तो ‘रेस’
ब्रांड का अब भी डूबा ही है और ऐसा डूबा है कि शायद ही कभी उबर सके। खैर...!