-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
होटल मैनेजमैंट के कॉलेज में लड़का-लड़की मिलते हैं, उनमें दोस्ती होती है और फिर मोहब्बत। दर्शक के मन में सवाल उठता है कि एक रोमांटिक कहानी पर ‘यह साली आशिकी’ जैसा निगेटिव नाम क्यां? लेकिन जल्दी ही कहानी की परतें खुलने लगती हैं और पता चलता है कि जो दिख रहा है,
उसके पीछे की कहानी कुछ और है। इंटरवल आते-आते यह रोमांटिक से थ्रिलर फिल्म में तब्दील हो जाती है और इंटरवल के बाद एक रिवेंज ड्रामा। आखिर है क्या इसमें?
होटल मैनेजमैंट के कॉलेज में लड़का-लड़की मिलते हैं, उनमें दोस्ती होती है और फिर मोहब्बत। दर्शक के मन में सवाल उठता है कि एक रोमांटिक कहानी पर ‘यह साली आशिकी’ जैसा निगेटिव नाम क्यां? लेकिन जल्दी ही कहानी की परतें खुलने लगती हैं और पता चलता है कि जो दिख रहा है,
उसके पीछे की कहानी कुछ और है। इंटरवल आते-आते यह रोमांटिक से थ्रिलर फिल्म में तब्दील हो जाती है और इंटरवल के बाद एक रिवेंज ड्रामा। आखिर है क्या इसमें?