-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
अगर खबरों में छोटी-सी बच्ची से लेकर बूढ़ी औरतों तक से हो रहे रेप की खबरों को पढ़-सुन कर आपके मन में आता है ऐसा काम करने वालों को तो बीच बाजार में ठोक देना चाहिए या इनका ‘वो’ ही काट देना चाहिए। अगर फलते-फूलते अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ की खबरें आपको बेचैन करती हैं और आपका मन करता है कि कोई आए और इस सारे सिस्टम को अपनी पॉवर से बदल कर रख दे तो लीजिए, रोहित शैट्टी आपके लिए ‘सिंबा’ लेकर आए हैं। सिंबा मंझे पोलीस इनिसपैक्टर संग्राम भालेराव। बोले तो-ऐसा फटाका जो बड़ा धमाका करेगा,
मगर इंटरवल के बाद।
अगर खबरों में छोटी-सी बच्ची से लेकर बूढ़ी औरतों तक से हो रहे रेप की खबरों को पढ़-सुन कर आपके मन में आता है ऐसा काम करने वालों को तो बीच बाजार में ठोक देना चाहिए या इनका ‘वो’ ही काट देना चाहिए। अगर फलते-फूलते अपराधियों और पुलिस के गठजोड़ की खबरें आपको बेचैन करती हैं और आपका मन करता है कि कोई आए और इस सारे सिस्टम को अपनी पॉवर से बदल कर रख दे तो लीजिए, रोहित शैट्टी आपके लिए ‘सिंबा’ लेकर आए हैं। सिंबा मंझे पोलीस इनिसपैक्टर संग्राम भालेराव। बोले तो-ऐसा फटाका जो बड़ा धमाका करेगा,
मगर इंटरवल के बाद।