आप कहेंगे कि ‘कपूर एंड सन्स’ की समीक्षा में ‘प्रेम रतन धन पायो’ का डायलॉग क्यो?
दरअसल इस फिल्म की कहानी भी फैमिली प्रॉब्लम्स के इर्द-गिर्द ही घूमती है जो बताती है कि अपनी ईगो के चलते दूसरों की गलतियों को माफ और अपनी गलतियों को स्वीकार न करने में हम लोग अक्सर इतनी देर लगा देते हैं कि हमारा आज कड़वाहट में बीतने लगता है और आने वाला कल पछतावे में।
दरअसल इस फिल्म की कहानी भी फैमिली प्रॉब्लम्स के इर्द-गिर्द ही घूमती है जो बताती है कि अपनी ईगो के चलते दूसरों की गलतियों को माफ और अपनी गलतियों को स्वीकार न करने में हम लोग अक्सर इतनी देर लगा देते हैं कि हमारा आज कड़वाहट में बीतने लगता है और आने वाला कल पछतावे में।
