मलयालम में बनने वाले संजीदा सिनेमा को देश-विदेश के सिने-प्रेमी दर्शकों ने हमेशा ही मान दिया है। इधर डेढ़-दो साल से ओ.टी.टी. के मंचों के ज़रिए मलयालम में बन रही फिल्मों ने सरहदों को लांघा और भाषाओं बांधों को तोड़ा है। हाल के समय में ‘जोजी’,
‘दृश्यम 2’, ‘द ग्रेट इंडियन किचन’, ‘अय्यपनम कोशियम’, ‘जल्लीकट्टू’,
‘ट्रांस’, ‘सी यू सून’ जैसी अनेक मलयालम फिल्मों को अंग्रेज़ी सब-टाइटल्स के साथ गैर-मलयाली दर्शकों ने भी जी भर कर सराहा है। अमेज़न प्राइम पर आई महेश नारायणन की यह फिल्म ‘मालिक’ भी यही कर रही है।
