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Thursday, 12 August 2021

रिव्यू-तय ढर्रे पर चलता ‘शेरशाह’

1999 में हुई कारगिल की लड़ाई में भारत ने क्या खोया, क्या पाया और किस कीमत पर पाया, यह हम सब जानते हैं। उस युद्ध में जान लड़ाने और जान गंवाने वाले वीरों की कहानियों को सिनेमा में भी दिखाया गया जिनमें से एकएल..सी. कारगिलही अब तक सबसे प्रभावी कही जा सकती है। करण जौहर के बैनर से अमेज़न प्राइम पर आई यह फिल्मशेरशाहभी उससे ऊपर नहीं उठ पाई है। दरअसल वॉर-हीरोज़ की कहानियों का एक तय ढर्रा बना दिया गया है। उनका बचपन, रोमांस, सेना में जाने की ललक और सेना में रह कर दिखाए गए शौर्य के इर्द-गिर्द ही ये कहानियां घूमती हैं। यह फिल्म भी वैसी ही है।

Saturday, 7 August 2021

रिव्यू-सिने-रसिकों के लिए मलयालम ‘मालिक’

मलयालम में बनने वाले संजीदा सिनेमा को देश-विदेश के सिने-प्रेमी दर्शकों ने हमेशा ही मान दिया है। इधर डेढ़-दो साल से .टी.टी. के मंचों के ज़रिए मलयालम में बन रही फिल्मों ने सरहदों को लांघा और भाषाओं बांधों को तोड़ा है। हाल के समय मेंजोजी, ‘दृश्यम 2’, ‘ ग्रेट इंडियन किचन, ‘अय्यपनम कोशियम, ‘जल्लीकट्टू, ‘ट्रांस, ‘सी यू सूनजैसी अनेक मलयालम फिल्मों को अंग्रेज़ी सब-टाइटल्स के साथ गैर-मलयाली दर्शकों ने भी जी भर कर सराहा है। अमेज़न प्राइम पर आई महेश नारायणन की यह फिल्ममालिकभी यही कर रही है।

Tuesday, 20 July 2021

बुक रिव्यू-हॉलीवुड की किसी फिल्म सरीखी ‘पानी की दुनिया’

 -दीपक दुआ...
जल-प्रलय के बाद पृथ्वी पानी में डूब चुकी है। सिर्फ वही जीव बचे हैं जिन्हें पानी में जीवित रहना आता है। लेकिन मछलियों, मगरमच्छों आदि के बीच इंसान का एक बच्चा भी बचा हुआ है। एक ऐसा बच्चा जिसे कुदरत ने पानी के अंदर जीवित रहना सिखा दिया। उसे बचाया भी एक शार्क मछली ने। अब वह अपनी मछली मां और मछली दोस्तों के साथ समंदर के अंदर मखरी नामक नगर में रहता है। लेकिन इस दुनिया में भी छल-कपट, होड़-ईर्ष्या, लालच-द्वेष आदि हैं। बाकी सबसे अलग होने के कारण यह बच्चामानुकइयों को सुहाता भी नहीं है। और फिर एक दिन मखरी पर होता है एक भयंकर हमला।