1999 में
हुई कारगिल
की लड़ाई
में भारत
ने क्या
खोया, क्या
पाया और
किस कीमत
पर पाया,
यह हम सब जानते
हैं। उस
युद्ध में
जान लड़ाने
और जान
गंवाने वाले
वीरों की
कहानियों को
सिनेमा में
भी दिखाया
गया जिनमें
से एक
‘एल.ओ.सी.
कारगिल’ ही
अब तक
सबसे प्रभावी
कही जा
सकती है।
करण जौहर
के बैनर
से अमेज़न
प्राइम पर
आई यह
फिल्म ‘शेरशाह’
भी उससे
ऊपर नहीं
उठ पाई
है। दरअसल
वॉर-हीरोज़
की कहानियों
का एक
तय ढर्रा
बना दिया
गया है।
उनका बचपन,
रोमांस, सेना
में जाने
की ललक
और सेना
में रह
कर दिखाए
गए शौर्य
के इर्द-गिर्द
ही ये
कहानियां घूमती
हैं। यह
फिल्म भी
वैसी ही
है।
Showing posts with label amazon. Show all posts
Showing posts with label amazon. Show all posts
Thursday, 12 August 2021
Saturday, 7 August 2021
रिव्यू-सिने-रसिकों के लिए मलयालम ‘मालिक’
मलयालम में बनने वाले संजीदा सिनेमा को देश-विदेश के सिने-प्रेमी दर्शकों ने हमेशा ही मान दिया है। इधर डेढ़-दो साल से ओ.टी.टी. के मंचों के ज़रिए मलयालम में बन रही फिल्मों ने सरहदों को लांघा और भाषाओं बांधों को तोड़ा है। हाल के समय में ‘जोजी’,
‘दृश्यम 2’, ‘द ग्रेट इंडियन किचन’, ‘अय्यपनम कोशियम’, ‘जल्लीकट्टू’,
‘ट्रांस’, ‘सी यू सून’ जैसी अनेक मलयालम फिल्मों को अंग्रेज़ी सब-टाइटल्स के साथ गैर-मलयाली दर्शकों ने भी जी भर कर सराहा है। अमेज़न प्राइम पर आई महेश नारायणन की यह फिल्म ‘मालिक’ भी यही कर रही है।
Tuesday, 20 July 2021
बुक रिव्यू-हॉलीवुड की किसी फिल्म सरीखी ‘पानी की दुनिया’
-दीपक दुआ...
जल-प्रलय के बाद पृथ्वी पानी में डूब चुकी है। सिर्फ वही जीव बचे हैं जिन्हें पानी में जीवित रहना आता है। लेकिन मछलियों, मगरमच्छों आदि के बीच इंसान का एक बच्चा भी बचा हुआ है। एक ऐसा बच्चा जिसे कुदरत ने पानी के अंदर जीवित रहना सिखा दिया। उसे बचाया भी एक शार्क मछली ने। अब वह अपनी मछली मां और मछली दोस्तों के साथ समंदर के अंदर मखरी नामक नगर में रहता है। लेकिन इस दुनिया में भी छल-कपट, होड़-ईर्ष्या, लालच-द्वेष आदि हैं। बाकी सबसे अलग होने के कारण यह बच्चा ‘मानु’ कइयों को सुहाता भी नहीं है। और फिर एक दिन मखरी पर होता है एक भयंकर हमला।
Subscribe to:
Posts (Atom)


