‘प्रहार’ के अंत में मेजर चव्हाण कहते हैं कि देश का मतलब क्या है?
नदियां, पहाड़, सड़कें, इमारतें बस। और लोग कहां हैं?
आशुतोष गोवारीकर की यह फिल्म इन्हीं लोगों के बारें में बात करती है,
हम लोगों के बारे में बात करती है। वह बात करती है जिसे करना बॉक्स-ऑफिस की नज़र से जोखिम भरा हो सकता है लेकिन एक प्रतिबद्ध और जागरूक फिल्मकार और नागरिक के तौर पर ऐसी बातें होनी चाहिएं, होती रहनी चाहिएं।
Showing posts with label Swades review. Show all posts
Showing posts with label Swades review. Show all posts
Saturday, 11 July 2020
ओल्ड रिव्यू-देस की बात, लोगों की बात ‘स्वदेस’ में
‘प्रहार’ के अंत में मेजर चव्हाण कहते हैं कि देश का मतलब क्या है?
नदियां, पहाड़, सड़कें, इमारतें बस। और लोग कहां हैं?
आशुतोष गोवारीकर की यह फिल्म इन्हीं लोगों के बारें में बात करती है,
हम लोगों के बारे में बात करती है। वह बात करती है जिसे करना बॉक्स-ऑफिस की नज़र से जोखिम भरा हो सकता है लेकिन एक प्रतिबद्ध और जागरूक फिल्मकार और नागरिक के तौर पर ऐसी बातें होनी चाहिएं, होती रहनी चाहिएं।
Subscribe to:
Posts (Atom)