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Saturday, 8 September 2018

रिव्यू-ज़रूरी मगर कमज़ोर ‘पलटन’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
कुछ सैनिक। उनके परिवारों की कहानियां। सरहद पर एक सच्ची लड़ाई। जोश, जज़्बा, देशप्रेम... बन गई बॉर्डर’। एक उम्दा, क्लासिक वाॅर-फिल्म।

फिर कुछ सैनिक। फिर उनके परिवारों की कहानियां। फिर से सरहद की एक सच्ची लड़ाई। फिर से वही जज़्बात... बन गई एल..सी. कारगिल क्लासिक सही, लेकिन एक अच्छी फिल्म।

एक बार फिर से कुछ सैनिक। एक बार फिर से उनके परिवारों की कहानियां। एक बार फिर से सरहद की एक सच्ची लड़ाई। एक बार फिर से जज़्बातों का छिड़काव... बन गई पलटन लेकिन हर बार अच्छी फिल्म बने, यह ज़रूरी तो नहीं न।