Showing posts with label jab harry met sejal review. Show all posts
Showing posts with label jab harry met sejal review. Show all posts

Saturday, 5 August 2017

रिव्यू-जब बोरियत मैट सुस्ती

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
हैरी यानी हरिंदर सिंह नेहरा पंजाब से भाग कर कनाडा चला गया था क्योंकि उसे गायक बनना था। गायक वह कमाल का है। उसके गले से अरिजीत सिंहदिलजीत दोसांझ, शाहिद माल्लया, मोहित चौहान जैसी ढेरों आवाजें निकलती रहती हैं। (पता नहीं हमारे फिल्म वाले अब एक हीरो को एक आवाज देने में इतना झिझकते क्यों हैं।) खैर, गायक वह बन नहीं पाया। क्यों नहीं बन पाया, इसका कोई कारण निर्देशक आपको बताना जरूरी नहीं समझता। हट परे...! सो, अब हैरी यूरोप में किसी ट्रेवल कंपनी में टूर गाइड है। वह तन्हा है, उदास है, कुछ है जो उसे सालता है, उस पर औरतखोर होने के आरोप भी हैं। सब क्यों हैं, यह भी डायरेक्टर आपको नहीं बताना चाहते। चुपचाप फिल्म देखिए ...! मुंबई से आए एक गुजराती परिवार को महीने भर का टूर करवाने के बाद उन्हें एयरपोर्ट छोड़ कर वह बाहर निकलता है तो उसी परिवार की सेजल जावेरी उसके पीछे पड़ जाती है कि वह उसके साथ टूर में गुम हो चुकी उसकी सगाई की अंगूठी खोजने में मदद करे। उस रिंग को तलाशते-तलाशते ये दोनों एक-दूसरे को प्यार करने लगते हैं।