एक नदी है। अकेली बहे जाती है। दूसरों को सींचती हुई। एक समंदर है। विशाल, अथाह मगर वीरान, खारा। चाहता है कि नदी आकर उसका साथ निभाए, उसमें ज़रा मिठास घोले। पर नदी हिचकती है। पास आना चाहते हुए भी समंदर में मिलने से डरती है। डरती है कि लोग क्या कहेंगे? या शायद कहीं उसका वजूद न मिट जाए।
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Tuesday, 25 September 2018
रिव्यू-नदी और सागर का प्यार है ‘वन्स अगेन’
एक नदी है। अकेली बहे जाती है। दूसरों को सींचती हुई। एक समंदर है। विशाल, अथाह मगर वीरान, खारा। चाहता है कि नदी आकर उसका साथ निभाए, उसमें ज़रा मिठास घोले। पर नदी हिचकती है। पास आना चाहते हुए भी समंदर में मिलने से डरती है। डरती है कि लोग क्या कहेंगे? या शायद कहीं उसका वजूद न मिट जाए।
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