-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
सब से पहले तो यही बात साफ हो जाए कि इस फिल्म में ऐसा एक भी सीन या संवाद नहीं है जिस पर कोई भी समझदार आदमी एतराज कर सके। अब आप चाहें तो यह सवाल उठा सकते हैं कि जो लोग ऐसी फिल्मों पर एतराज करते हैं,
वे होते ही कितने समझदार हैं?
चलिए, बात आगे बढ़ाई जाए। हॉलीवुड से आने वाली फिल्मों में हमेशा यह दिखाया जाता है कि जब भी दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी किस्म की-आतंकवादियों से,
प्रकृति की तरफ से या यहां तक कि अंतरिक्ष की ओर से भी कोई मुसीबत आती है तो कोई न कोई अमेरिकी हीरो ही उससे निबटता है और दुनिया को बचाने का महान काम करता है। कमल हासन ने अपनी इस फिल्म से हॉलीवुड की इस महानता को चुनौती दी है क्योंकि इस फिल्म का हीरो भारतीय है और अमेरिका को बचाने के उसके मिशन में अमेरिकी पुलिस, एफ.बी.आई. वगैरह-वगैरह उसके सहयोगी हैं।
