नाम ही काफी था अपने पास खींच कर बिठा लेने के लिए। ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ वाली डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की बनाई और नेटफ्लिक्स पर आई इस सीरिज़ ‘बॉम्बे बेगम्स’ की कहानी ‘स्त्री संचालित’ अपने नाम से ही मुखर थी, फिर पूजा भट्ट और शाहाना गोस्वामी का जुड़ाव इसे और सुस्पष्ट करता है। रिव्यू की शुरुआत खुद की ही कहानी ‘इमोशन’ के एक संभाषण से करना चाहूंगी जहां एक स्वांत सुखाय बनी कॉल-गर्ल कॉर्पोरेट में काम करने वाली स्त्रियों के मुत्तालिक कहती है, “पैसा,
पॉवर और प्रमोशन ऐसी बहुत-सी जिजीविषाएं हैं जिनके लिए उन्हें अपनी आत्मा को मारना पड़ता है और ज़िंदगी भर ढोते हैं सिर्फ शरीर...’’ और कहानी के अंत में वह यह भी कहती है, ‘‘मैं उनसे बेहतर हूं।’’
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Sunday, 14 March 2021
Friday, 10 August 2018
रिव्यू-फीकी जलेबी ‘विश्वरूप 2’
डियर कमल हासन,
2013 में जब आप ‘विश्वरूप’ लेकर आए थे तो अपन ने उसे साढ़े तीन स्टार से नवाज़ा भी था। यह रहा उस फिल्म की समीक्षा का लिंक-
उस फिल्म के अंत में जब आप (मेजर विसाम अहमद काश्मीरी) ने यह साफतौर पर कह दिया था कि ‘जब तक उमर ज़िंदा है या मैं, कुछ खत्म नहीं होगा, यह कहानी चलती ही रहेगी’,
तो लगा था कि आपके दिमाग में ज़रूर आगे की कहानी होगी और जल्द ही आप उसे लेकर भी आएंगे। पर जब आपने ‘विश्वरूप 2’
को लाने में साढ़े पांच साल लगा दिए तो शक होने लगा था कि आपके पास कहने-बताने को कुछ है भी या फिर सीक्वेल लाने का वह ऐलान खोखला ही था। और अब आपकी ‘विश्वरूप 2’
को देख कर तो यही लगता है कि आपके पतीले में था कुछ नहीं। बस, आपने ज़ोर-ज़ोर से कड़छी हिलाई है ताकि लोग झांसे में आ जाएं।
रिव्यू-मसाले और गहराई ‘विश्वरूप’ (पार्ट-1) में
-दीपक दुआ... (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
सब से पहले तो यही बात साफ हो जाए कि इस फिल्म में ऐसा एक भी सीन या संवाद नहीं है जिस पर कोई भी समझदार आदमी एतराज कर सके। अब आप चाहें तो यह सवाल उठा सकते हैं कि जो लोग ऐसी फिल्मों पर एतराज करते हैं,
वे होते ही कितने समझदार हैं?
चलिए, बात आगे बढ़ाई जाए। हॉलीवुड से आने वाली फिल्मों में हमेशा यह दिखाया जाता है कि जब भी दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी किस्म की-आतंकवादियों से,
प्रकृति की तरफ से या यहां तक कि अंतरिक्ष की ओर से भी कोई मुसीबत आती है तो कोई न कोई अमेरिकी हीरो ही उससे निबटता है और दुनिया को बचाने का महान काम करता है। कमल हासन ने अपनी इस फिल्म से हॉलीवुड की इस महानता को चुनौती दी है क्योंकि इस फिल्म का हीरो भारतीय है और अमेरिका को बचाने के उसके मिशन में अमेरिकी पुलिस, एफ.बी.आई. वगैरह-वगैरह उसके सहयोगी हैं।
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