Wednesday, 22 March 2017

जैसी सोची थी उससे बेहतर बनी ‘अनारकली’-अविनाश दास



-दीपक दुआ...
अनारकली ऑफ़ आराके बारे में अविनाश दास ने मुझ से 2012 में अपनी पहली ही मुलाकात में जिक्र किया था। आज यह फिल्म तैयार है, पर्दे पर आने वाली है। तो क्या यह वैसी बन पाई, जैसी कभी उन्होंने सोची थी?

अविनाश कहते हैं कि यह उससे कहीं बेहतर बनी है क्योंकि जब उन्होंने इसे बनाने के बारे में सोचा था तब वह अकेले थे लेकिन जब यह बननी शुरू हुई तो इससे जुड़े हर शख्स ने इसमें पूरा सहयोग दिया। यह अविनाश की बहुत बड़ी खूबी रही है कि वह किसी भी काम का श्रेय खुद को कम से कम देना पसंद करते हैं। अनारकली ऑफ़ आराउनके खुद के सपनों की उड़ान है और देखिए, कितनी विनम्रता से वह इसका श्रेय दूसरों को बांट रहे हैं।

Tuesday, 21 March 2017

स्वरा भास्कर नहीं थीं अविनाश की ओरिजनल अनारकली



-दीपक दुआ...
जी हां, ‘अनारकली ऑफ़ आरामें अनारकली बनीं अदाकारा स्वरा भास्कर को इस फिल्म के लेखक-निर्देशक अविनाश दास की पहली पसंद नहीं थीं। अविनाश और स्वरा की पुरानी पहचान और दोस्ती है। अविनाश ने उन्हें अपनी यह कहानी सुनाई और इस पर तैयार अपनी स्क्रिप्ट भी पढ़ने को दी मगर बतौर अभिनेत्री नहीं, बल्कि बतौर पाठक। दरअसल अविनाश चाहते थे कि स्वरा इस स्क्रिप्ट को पढ़ कर उस अभिनेत्री को यह फिल्म करने को कहें जो अविनाश के मन में इस किरदार के लिए थीं। फिर ऐसा क्या हुआ जो स्वरा को यह फिल्म मिल गई? इस वीडियो में देखें कि कैसे स्वरा अपने चुटीले अंदाज में इस बात का जवाब देती हैं।

संदीप कपूर ने क्यों प्रोड्यूस की ‘अनारकली ऑफ़ आरा’?


-दीपक दुआ...

संदीप कपूर फिल्म इंडस्ट्री के आदमी नहीं हैं। दिल्ली से वहां पहुंचे हैं और अभी भी पूरी तरह से वहां रम नहीं पाए हैं। बतौर निर्माता उन्होंने पहली फिल्म बनाई मनोज वाजपेयी को लेकर जुगाड़’, जो चल नहीं पाई। फिर उनके बैनर ने संजय मिश्रा के निर्देशन में प्रणाम वालेकुमबनाई जो अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है। और अब वह अनारकली ऑफ़ आरालाए हैं। ये तीनों ही फिल्में आम लीक से हट कर हैं तो कैसे दो फिल्मों में पैसे फंसाने के बाद संदीप ने अविनाश जैसे नए (और जैसा मैंने कहा-अनाड़ी) शख्स पर भरोसा किया?

संदीप का जवाब बहुत साफ था कि उन्हें कहानी पसंद आई। पूरी बात उन्होंने क्या कही, वीडियो में देखिए।

Saturday, 18 March 2017

पर्सनल रिलेशंस के सवाल पर क्या बोली थीं कैटरीना?


-दीपक दुआ...

फरवरी, 2015 की बात है। निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म फितूरआने वाली थी और वह इस फिल्म के कलाकारों के साथ प्रचार के लिए दिल्ली आए हुए थे। अपने को एबीपी न्यूज से न्यौता मिला कि दिबांग के शो प्रेस कांफ्रेंसमें कैटरीना कैफ से सवाल पूछे जाएं। दिल्ली के होटल ली मेरीडियन में प्रेस कांफ्रेंसका सैट लगाया गया था। जब हम वहां पहुंचे तो देखा सामने दो कुर्सियां लगी हुई हैं। जाहिर था कि कैटरीना अकेले नहीं रही थीं। सोचा, अभिषेक साथ होंगे। लेकिन कैटरीना आईं तब्बू के साथ। दिबांग ने कैटरीना और तब्बू से बातें कीं और हम आमंत्रित पत्रकारों ने कैटरीना से एक-एक सवाल पूछा।
 
मेरा सवाल था-आपके पर्सनल रिलेशंस की काफी सारी बातें होती हैं लेकिन किसी भी रिलेशन में आप बहुत ज्यादा आगे तक नहीं गईं। क्या वजह है? क्या आपको कमिटमैंट से डर लगता है या यह भी सिर्फ डेस्टिनी है?

इस सवाल पर कैटरीना पहले तो हंसी और फिर बोलीं कि यह सवाल पहली बार किसी ने मुझसे पूछा है। उसके बाद वह सोच में पड़ गईं और इतनी देर सोचती रहीं कि बाद में उस अंतराल को शो के प्रसारण के समय एडिट करना पड़ा। जवाब में उन्होंने जो कहा वह आप इस वीडियो में खुद देखें तो बेहतर होगा।