जिस फिल्म के आने से पहले ही सोशल मीडिया के तथाकथित, स्वयंभू, कुकुरमुत्ते ‘फिल्म समीक्षकों’ ने उसकी चीर-फाड़ के लिए अपने नाखून और दांत पैने कर लिए हों और जिसके आते ही इन लोगों में इस फिल्म की धज्जियां उड़ाने की होड़ लग गई हो और जिस फिल्म के आने के बाद यह भी पता चला गया हो कि उसके अंदर परोसा गया माल एक सुगंधित कचरे से ज़्यादा कुछ नहीं है,
उस फिल्म को देखना और फिर उसका रिव्यू करना अपने-आप में एक बेहद जोखिम भरा काम है। लेकिन इससे ज़्यादा बड़े जोखिम फिल्म पत्रकारिता के अपने लंबे सफर में उठाए हैं तो भला इससे क्या डरना। तो चलिए, शुरू करते हैं ज़ी-5 पर रिलीज़ हुई ‘राधे’ नाम की इस मोस्ट अनवांटेड फिल्म का रिव्यू जिसे कोई नहीं देखना चाहता था लेकिन जिसे सबने देखा ताकि उसकी खिल्ली उड़ाई जा सके।
Saturday, 15 May 2021
Friday, 14 May 2021
वेब-रिव्यू-उड़ने और जुड़ने की बातें ‘एस्पिरेंट्स’ में
ओल्ड राजिंदर नगर-पार्टिशन के बाद विकसित हुई पंजाबी रिफ्यूजियों की इस बस्ती में आपको जज़्बों की, उम्मीदों की, निराशाओं की अनगिनत कहानियां सुनने को मिलेंगी। कुछ कहानियां यहीं शुरू हो के यहीं खत्म हो गईं, पर कुछ कहानियों ने इतिहास रच दिया। क्यों...?
असल में दिल्ली की यह कॉलोनी भारत के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी पद-आई.ए.एस. की तैयारी कर रहे उन युवाओं के रहने-पढ़ने के लिए जानी जाती है जिन्हें ‘एस्पिरेंट्स’ कहा जाता है। यू-ट्यूब पर टी.वी.एफ. यानी द वायरल फीवर नामक चैनल ने ऐसे ही कुछ एस्पिरेंट्स की इस कहानी पर पांच एपिसोड की यह वेब-सीरिज़ बनाई है जो यू-ट्यूब पर मुफ्त में देखी जा सकती है।
Saturday, 8 May 2021
विरासत-सिंधिया घराने से जुड़ा है दिल्ली के बाड़ा हिंदू राव हॉस्पिटल का नाम
-विष्णु शर्मा...
10 मई, 1857 को भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी मेरठ में भड़की थी। विद्रोही सैनिकों ने दिल्ली कूच किया और दिल्ली पर कब्जा कर के मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को देश का शहंशाह घोषित कर दिया था। उन दिनों अंग्रेज़ों ने दिल्ली में जिस प्रमुख जगह पर मोर्चा लगाया, वो जगह थी सिंधिया परिवार से जुड़े राजा हिंदू राव की विशाल हवेली। इस जगह पर अंग्रेज़ों और विद्रोही सैनिकों के बीच भीषण लड़ाई हुई और पूरी इमारत क्षत-विक्षत कर दी गई। बाद में जब अंग्रेज़ों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया तो इस जगह पर एक मिलिट्री हॉस्पिटल बनाया गया। फिर 1911 में यहां 16 बैड का एक सिविल हॉस्पिटल बना दिया गया। आज वही हॉस्पिटल दिल्ली के जाने-माने हॉस्पिटल्स में गिना जाता है। कभी बाड़ा हिंदू राव के नाम से जानी जाने वाली यह इमारत अब हिंदू राव हॉस्पिटल कहलाती है।
Thursday, 6 May 2021
ओल्ड रिव्यू-सन्न कर देती है ‘ट्रैफिक’
‘ट्रैफिक’ जैसी फिल्म देखने के बाद मन होता है सिनेमा की चौखट को झुक कर छू लिया जाए। उस पर्दे को नमन किया जाए जिस पर ऐसी फिल्म दिखी। क्या सिखाएंगे मंदिर-गुरुद्वारे जो यह फिल्म सिखा जाती है। इंसान बने रहने के गुर,
अपने अंदर की इंसानियत को बनाए-बचाए रखने की सीखें।
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