Friday, 26 August 2016

रिव्यू-‘फ्लाईंग जट्ट’ पासे हट

एक सुपर हीरो जिसे एक पेड़ से शक्ति मिलती है।

एक सुपर विलेन जिसे प्रदूषण से ताकत हासिल होती है।

अच्छाई और बुराई की वही पुरानी कहानी जिसमें अच्छाई को पहले तो मात मिलती है लेकिन अंत में जीत भी उसी की होती है।

अपने इस देसी सुपर हीरो की कहानी में भी वही सब है जो किसी भी सुपर हीरो की कहानी में होता है। एक आम लड़का जो सीधा है, सरल है, सच्चा है। किसी से भिड़ने की तो छोड़िए, ऊंचाई तक से उसे डर लगता है। उस पर अत्याचार होता है और फिर एक चमत्कार से उसे सुपर पॉवर मिल जाती है और वह निकल पड़ता है दुनिया को बचाने।

Wednesday, 24 August 2016

इंटरव्यू-साक्षी तंवर-मम्मी जैसा नहीं पापा जैसा रोल



पार्वती भाभी का रूप बदल चुका है। ‘कहानी घर घर की’, ‘कुटुंब’, ‘बालिका वधू’, ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ जैसे कई शोज में आने के अलावा साक्षी ने सनी देओल के साथ एक फिल्म ‘मौहल्ला अस्सी’ भी की जो अभी तक रिलीज नहीं हो पाई है। अब वह टी.वी. शो ‘24 सीजन 2’ में दिख रही हैं। पिछले दिनों दिल्ली आने पर उनसे यह बातचीत हुई-

-आपने अब तक बहन, बहू, बेटी के ही रोल निभाए हैं। इस किरदार को करने का अनुभव कितना अलग रहा?
-यह सही है कि मेरे अब तक के कैरियर में मैंने इस तरह का रोल नहीं किया है। और क्योंकि यह इतना अलग है इसीलिए मैंने इसे सुनते ही हां कह दिया था। हालांकि पहले तो मैं हैरान हुई थी कि कैसे उन्होंने मुझे एक ऐसा रोल आॅफर किया जिसमें मैं खुद ही अपने-आप को नहीं देख पा रही हूं। कई बार मुझे भी लगा कि मैं इसे कर भी पाऊंगी या नहीं लेकिन मैंने कोशिश की और मुझे लगता है कि मैं सफल भी हुई हूं। मजा बहुत आया इसे करने में क्योंकि जब कुछ अलग करने को मिलता है तो आप भी अपने अंदर की रचनात्मकता को जोर लगा कर बाहर निकालते हैं और चाहते हैं कि लोग आपको इस नए रूप में भी स्वीकारें।

-क्या कुछ तैयारी करनी पड़ी इसके लिए?
-पहली तैयारी तो खुद को इस तरह के किरदार में सोचने की करनी पड़ी। इसमें कहीं भी इमोशंस या हल्केपन की गुंजाइश नहीं थी। कैमरे के सामने मुझे हमेशा एंटी टेररिस्ट यूनिट की हैड की तरह बर्ताव करना था। मैंने इस रोल के लिए अपने पापा से भी काफी टिप्स लिए क्योंकि वह आर्मी से रिटायर हुए हैं। मैं कहना चाहूंगी कि मैंने अपनी मम्मी जैसे रोल तो काफी किए लेकिन पापा जैसा रोल पहली बार कर रही हूं।

-अनिल कपूर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
-अनिल जी के साथ सबसे बड़ी बात यह है कि इतने सालों से इंडस्ट्री में काम करने के बावजूद उनके अंदर कमाल की एनर्जी है। वह इतने ज्यादा उर्जावान हैं कि उनके सैट पर आने के बाद बाकी लोग खुद-ब-खुद प्रेरित होने लगते हैं। उनकी ऐसी सोच नहीं है कि मैं ही हीरो हूं, मैं ही प्रोड्यूसर हूं तो जैसे होना है, हो जाएगा। नहीं, वह सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखते हैं और इस बात का ध्यान रखते हैं कि अगर उनके साथ किसी सीन में छह लोग हैं तो उन सब को बराबर का महत्व मिले।

-‘मौहल्ला अस्सी’ के अभी तक न रिलीज हो पाने का कितना अफसोस है?
-एक कलाकार को तो यही लगता है कि उसने इतनी मेहनत की है तो वह लोगों तक पहुंचे, बाकी तो भगवान के हाथ में है।

-‘24’ के अलावा और क्या कर रही हैं, कोई फिल्म या शो?
-अभी तो मेरे पास सिर्फ यही है। इसके बाद ही किसी और चीज के बारे में सोचूंगी और तभी उस पर बात करूंगी।


-दीपक दुआ