नाम ही काफी था अपने पास खींच कर बिठा लेने के लिए। ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ वाली डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की बनाई और नेटफ्लिक्स पर आई इस सीरिज़ ‘बॉम्बे बेगम्स’ की कहानी ‘स्त्री संचालित’ अपने नाम से ही मुखर थी, फिर पूजा भट्ट और शाहाना गोस्वामी का जुड़ाव इसे और सुस्पष्ट करता है। रिव्यू की शुरुआत खुद की ही कहानी ‘इमोशन’ के एक संभाषण से करना चाहूंगी जहां एक स्वांत सुखाय बनी कॉल-गर्ल कॉर्पोरेट में काम करने वाली स्त्रियों के मुत्तालिक कहती है, “पैसा,
पॉवर और प्रमोशन ऐसी बहुत-सी जिजीविषाएं हैं जिनके लिए उन्हें अपनी आत्मा को मारना पड़ता है और ज़िंदगी भर ढोते हैं सिर्फ शरीर...’’ और कहानी के अंत में वह यह भी कहती है, ‘‘मैं उनसे बेहतर हूं।’’
