Thursday, 15 November 2018

रिव्यू-ज़ेहन पर कब्ज़ा जमाती ‘पीहू’

 -दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक बंद फ्लैट। दो साल की पीहू। पापा घर पर नहीं हैं और मां कुछ गोलियां खाकर मर चुकी है। घर में हर तरफ खतरा ही खतरा और इन खतरों से दो-चार होती पीहू। जलती हुई इस्त्री पर कपड़ा फेंकती पीहू। माइक्रोवेव में रोटी गर्म करती पीहू। फ्रिज में घुस कर खुद को अंदर से बंद करती पीहू। गैस जलाती पीहू। गीजर ऑन करती पीहू। बाल्कनी की रेलिंग पर चढ़ती पीहू। फिनाइल को दूध समझ कर पीती पीहू। नींद की गोलियां खाती पीहू। बिजली के नंगे तारों के बीच रहती पीहू।

Saturday, 10 November 2018

कहीं ये लोग ‘ठग्स ऑफ बॉक्स-ऑफिस’ तो नहीं?

-दीपक दुआ...
तो लीजिए जनाब, इस गुरुवार को रिलीज हुई ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ को रविवार तक देखने के लिए दर्शकों को आम हफ्तों से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। जी हां, दिवाली का मौका और उस पर से सिर्फ एक बड़ी फिल्म की आवक, यानी पूरा बाजार अपने कब्जे में कर लेने के बाद इस फिल्म की निर्माता कंपनी यशराज की वितरण-टीम ने देश भर के अपने प्रदर्शकों को पिछले दिनों यह निर्देश दिया कि वे अपने कंट्रोल में आने वाले तमाम सिनेमाघरों की टिकटों के रेट इस चार दिन लंबे वीकएंड के लिए बढ़ा दें। जाहिर है कि दिवाली के मौके पर आने वाली बड़े सितारों वाली भव्य बजट में बनी इस फिल्म के लिए दर्शकों की उत्सुकता को भुनाने और अपनी जेबों को जरूरत से ज्यादा भरने के लिए यह कवायद की गई है।

Thursday, 8 November 2018

रिव्यू-ठग्स ऑफ बॉलीवुड है यह

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
आखिर एक लंबे इंतज़ार और काफी सारे शोर-शराबे के बाद ‘ठग्स ऑफ हिन्दोस्तान’ की बंद मुट्ठी खुल ही गई। और अब आप यह जानना चाहेंगे कि यह फिल्म कैसी है? क्या इस फिल्म पर अपनी मेहनत और ईमानदारी (या बेईमानी) से कमाए गए पैसे खर्च किए जाएं या फिर इसे छोड़ दिया जाए? चलिए, शुरू करते हैं।

Sunday, 4 November 2018

काशी को मान दिलाएगी ‘मौहल्ला अस्सी’-कहते हैं निर्माता विनय तिवारी

-दीपक दुआ...
विनय तिवारी से मेरी पहली और अब तक की इकलौती मुलाकात तब हुई थी जब कुछ बरस पहले मुझे यू.पी. के बुलंदशहर में किसी नहर के किनारे टी.वी. पत्रकार से फिल्मकार बने विनोद कापड़ी की फिल्म ‘मिस टनकपुर हाज़िर हो’ की शूटिंग कवर करने के लिए बुलाया गया था। वहीं पता चला कि इस फिल्म के निर्माता विनय तिवारी की यह दूसरी फिल्म है और पहली वाली ‘मौहल्ला अस्सी’ अटकी पड़ी है। लेकिन उनका कहना था कि यह फिल्म भी बहुत जल्द आ जाएगी। लेकिन ऐसा न हो सका। लड़ाई-झगड़े, कोर्ट-कचहरी जैसे टंटे बीच में आ गए। इस दौरान यह फिल्म किसी ने इंटरनेट पर लीक भी कर दी। इस बीच कई बार इस फिल्म के आने की सुगबुगाहट हुई लेकिन यह आ नहीं पाई। अब इस 16 नवंबर को यह रिलीज़ होने जा रही है। इस फिल्म और उनके सफर पर मैंने विनय तिवारी से बातचीत की। आप भी पढ़िए-

विनय तिवारी संग
-दिल उछल रहा है या सांसें अटकी हुई हैं?
-दोनों ही चीजें हो रही हैं। इतने साल पहले जो सपना देखा था, जहां से सफर शुरू किया था, वह मंजिल अब आने वाली है तो अच्छा भी लग रहा है और दिल में धुकधुकी भी है। हालांकि इतना यकीन है कि जो चीज हम लोगों ने बनाई है, वह बहुत अच्छी है और जो लोग सिनेमा में कुछ बढ़िया देखने के शौकीन हैं, उन्हें यह जरूर पसंद भी आएगी।