प्रियदर्शन जैसे काबिल निर्देशक, यूनुस सजावल जैसे हिट लेखक, वीनस जैसा बड़ा बैनर, मलयालम की एक सफल फिल्म का रीमेक, ऊपर से ‘हंगामा’ का ब्रांड-सब चंगा ही तो है। अब इस पर ‘हंगामा 2’ नाम से कोई फिल्म बनेगी तो वह भी चंगी ही होगी,
लोगों का खूब मनोरंजन करेगी,
लोग उस तरह से हंसते-हंसते पागल भी हो सकते हैं जैसे प्रियन सर की ही ‘हेरा फेरी’,
‘भागम भाग’, ‘हंगामा’,
‘हलचल’, ‘चुप चुप के’,
‘दे दना दन’ वगैरह के समय हुए थे। लेकिन क्या सचमुच ऐसा हुआ...? ऐसा है...? ऐसा होगा...? जवाब है-नहीं, नहीं, नहीं...!
