Showing posts with label ananya panday. Show all posts
Showing posts with label ananya panday. Show all posts

Sunday, 8 December 2019

रिव्यू-पति पत्नी और मसालेदार वो

रिव्यू-पति पत्नी और मसालेदार वो (Featured in IMDb Critics Reviews)
-दीपक दुआ...
1978 में आई बी.आर. चोपड़ा जैसे दिग्गज निर्देशक की फिल्म पति पत्नी और वोमें पति संजीव कुमार अपने ऑफिस की जवां सेक्रेटरी रंजीता से अपनी पत्नी विद्या सिन्हा की बीमारी का बहाना करके अफेयर चलाता है। उस फिल्म के इस रीमेक में कानपुर में सरकारी नौकरी कर रहा इंजीनियर कार्तिक आर्यन अपनी पत्नी भूमि पेढनेकर के किसी और के साथ अफेयर होने की बात कह कर अनन्या पांडेय की नजदीकियां हासिल करता है। एक कामयाब फिल्म का रीमेक बने और आज के दर्शकों की मसालेदार मनोरंजन पाने की चाहत को ध्यान में रख कर बने तो वह कामयाब होगी ही, क्लासिक भले ही न हो पाए। वैसे भी अब क्लासिक फिल्में किसे चाहिएं? जब दर्शक जंक-फूड से खुश हों तो फिल्म वाले भी क्यों ज़ोर लगाएं।

Wednesday, 15 May 2019

रिव्यू-फिल्म नहीं, लानत है ‘स्टूडैंट ऑफ द ईयर 2’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
चलो-चलो एक फिल्म बनाएं। कुछ चमकदार चेहरे जुटाएं। उन चेहरों पर मेकअप की परतें चढ़ाएं। उन्हें रंगीन कपड़े पहनाएं। माहौल को चकाचौंध बनाएं। रही कहानी की बात, तो उसे भूल जाएं। चलो, पब्लिक को बेवकूफ बनाएं। चलो-चलो एक फिल्म बनाएं।

2012 में आई स्टुडैंट ऑफ ईयरकी ही तरह इस फिल्म में भी भरपूर रंगीनियत है। देहरादून के एक शानदार कॉलेज में दोस्ती-दुश्मनी निभाते युवाओं की कहानी है। एक तरफ हर हुनर में माहिर अपना गरीब हीरो है। दूसरी तरफ कॉलेज के सबसे हैंडसम और अमीर लौंडे (ज़ाहिर है कॉलेज के ट्रस्टी के बेटे) में भी हर हुनर है। डांस, रोमांस, गाना-बजाना, पीटना, कबड्डी वगैरह-वगैरह। गरीब की गर्लफ्रैंड इस अमीर पर मरती है और अमीर की नकचढ़ी बहन को गरीब अपनी तरफ खींच लेता है। पढ़ाई-वढ़ाई इस कॉलेज में होती नज़र नहीं आती। टीचर यहां के जोकरनुमा हैं। मोबाइल फोन पूरी फिल्म में किसी के पास नहीं दिखता। नेटवर्क प्रॉब्लम होगी शायद।