Showing posts with label lara dutta. Show all posts
Showing posts with label lara dutta. Show all posts

Thursday, 19 August 2021

रिव्यू-कसा हुआ है यह बेबी ‘बेलबॉटम’

-दीपक दुआ...  (This review is featured in IMDb Critics Reviews)
पहले इसी फिल्म से एक दुख भरी दास्तान सुनिए-‘‘एक बार एक नवजात कुत्ते ने अपनी मां से पूछा कि पिताजी कैसे दिखते थे? इस पर मां ने मायूसी से कहा-पता नहीं बेटा, एक दिन वह पीछे से आए और चुपचाप पीछे से ही चले गए। रॉ (भारत की खुफिया एजेंसी) वही पिताजी है।’’
 
यह सही है कि दुनिया की तमाम खुफिया एजेंसियों की तरह अपनी रॉ भी देश-दुनिया में बहुत कुछ ऐसा करती है जो या तो तुरंत सामने नहीं आता या फिर उसमें रॉ और उसके एजेंटों का ज़िक्र नहीं होता। हमारी फिल्मों ने गाहे-बगाहे हमारे इन जासूसों के कारनामें पर्दे पर उतारे हैं। यह फिल्म भी उसी दिशा में एक कोशिश है-अच्छी, कसी हुई, मनोरंजक।

Saturday, 4 July 2020

वेब-रिव्यू : अच्छा, टाइम-पास एंटरटेनमैंट देती ‘हंड्रेड’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
नेत्रा पाटिल को जाना है स्विट्जरलैंड लेकिन उसकी किस्मत में लिखी है एक सरकारी दफ्तर की क्लर्की। .सी.पी. सौम्या शुक्ला खुद को समझती है जेम्स बॉण्ड लेकिन डिपार्टमैंट ने उसे बना रखा है आइटम गर्ल। दोनों के सपने जुदा, दुनिया जुदा, ज़िंदगी जुदा, ज़िंदगी जीने का ढंग जुदा। एक जगह ये दोनों मिलती हैं और फिर साथ चलने लगती हैं। दरअसल नेत्रा मरने वाली है। उसके पास सिर्फ हंड्रेड डेज़ (सौ दिन) हैं। इस दौरान वह वो सब कुछ कर लेना चाहती है, जो उसने अभी तक नहीं किया। उसे अपनी बची हुई ज़िंदगी में एक्साइटमैंट चाहिए और यह एक्साइटमैंट उसे देती हैसौम्या मईडमअपनी मुखबिर बना कर।