Showing posts with label nandita das. Show all posts
Showing posts with label nandita das. Show all posts

Friday, 21 September 2018

रिव्यू-इस ‘मंटो’ को समझने के लिए उस मंटो को समझना होगा

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
अगर आप मेरे अफसानों को बर्दाश्त नहीं कर सकते... तो इसका मतलब यह है कि ज़माना ही नाकाबिले बर्दाश्त है...

इतनी बेबाकी, ठसक और शिद्दत के साथ सआदत हसन मंटो नाम के जिस शख्स ने उम्र भर अपनी बात कही, वह उम्र भर किस संघर्ष से होकर गुजरता रहा और अपने आखिरी दौर में वह किस कदर मजबूर था, यह भला कौन जानता है? और अगर इन संघर्षों और मजबूरियों से उसका साबका हुआ होता तो क्या यह मुमकिन नहीं कि वह सिर्फ 42 की उम्र में दुनिया छोड़ता...?