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Sunday, 10 January 2021

रिव्यू-फिल्म वालों के दोगलेपन की कहानी है ‘एके वर्सेस एके’

 -दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
बरसों पहले .के. यानी अनुराग कश्यप ने .के. यानी अनिल कपूर को ले कर एक फिल्म एनाउंस की थी जिसका नाम था-.के यानीआल्विन कालीचरण किन्हीं कारणों से वो फिल्म बन नहीं पाई। इस दौरान अनिल कपूर अनुराग जैसे डार्क फिल्में बनाने वालों से खुद को दूर रखते हुए मनोरंजक फिल्मों के स्टार बने रहे और अनुराग कश्यप अनिल जैसे लोगों को गरियाते हुए अपनी तरह के स्टार बन गए। यह फिल्म इन दोनों के मौजूदा स्टेट्स से शुरू होती है। अनुराग को अनिल से आज भी खुन्नस है। वह उनके साथ काम करना चाहते हैं लेकिन अनिल उन्हें वक्त नहीं दे रहे हैं। एक दिन अनुराग अनिल की बेटी सोनम को किडनैप कर लेते हैं और अनिल को मजबूर करते हैं कि वह कल सुबह से पहले अपनी बेटी को तलाशें और इस पूरी रात में एक कैमरा उन्हें लगातार शूट करता रहेगा। क्या होता है इस एक रात में? कितना सच (या झूठ) छुपा है इन दोनों की इस भिड़ंत में?

Friday, 17 March 2017

रिव्यू-अलग है, उम्दा है ‘ट्रैप्ड’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
सोचिए, मुंबई की एक 40 मंजिला खाली इमारत की 35वीं मंजिल के एक फ्लैट में एक युवक अकेला फंस जाए। उसके पास बात करने को मोबाइल हो, लिखने के लिए पेन। बिजली, पानी। कुछ खाने को हो, पीने को। कोई औजार, हथियार। उसे तलाशने वाला कोई दोस्त, कोई यार। उसकी कोई सुनता हो, किसी को उसकी परवाह हो। बताइए, कैसे वह यहां से निकलेगा?