-दीपक दुआ...
बात तब की जब मैं ‘फिल्मी कलियां’ के लिए लिखा करता था। हमारे एक संगीत-रसिक पाठक अक्सर हमें संगीत-जगत से जुड़ी किसी हस्ती के बारे में आलेख भेजते थे और हम उन्हें छापा भी करते थे। इसी क्रम में एक बार उन्होंने मुबारक बेगम पर लेख भेजा। मुझे लगा कि इसे और वजनी बनाया जाए, सो मैंने उनसे फोन नंबर लेकर मुबारक बेगम से लंबी बातचीत की। उसके बाद मुबारक बेगम से कई बार फोन पर बातें हुईं। इच्छा तो यह भी थी कि मुंबई जाकर उनसे मिल कर कैमरे पर उन्हें रिकाॅर्ड किया जाए। कुछ फिल्मकार मित्रों को सुझाया भी कि उन पर डाॅक्यूमैंट्री बनाई जाए मगर कभी वक्त आड़े आया तो कभी किस्मत। खैर, यह संतुष्टि है कि मैंने जब-जब उनके बारे में कहीं लिखा तो किसी न किसी ने उनकी मदद भी की। लीजिए उनसे हुई बातें पढ़िए। आलेख थोड़ा लंबा है मगर है दिलचस्प।
बात तब की जब मैं ‘फिल्मी कलियां’ के लिए लिखा करता था। हमारे एक संगीत-रसिक पाठक अक्सर हमें संगीत-जगत से जुड़ी किसी हस्ती के बारे में आलेख भेजते थे और हम उन्हें छापा भी करते थे। इसी क्रम में एक बार उन्होंने मुबारक बेगम पर लेख भेजा। मुझे लगा कि इसे और वजनी बनाया जाए, सो मैंने उनसे फोन नंबर लेकर मुबारक बेगम से लंबी बातचीत की। उसके बाद मुबारक बेगम से कई बार फोन पर बातें हुईं। इच्छा तो यह भी थी कि मुंबई जाकर उनसे मिल कर कैमरे पर उन्हें रिकाॅर्ड किया जाए। कुछ फिल्मकार मित्रों को सुझाया भी कि उन पर डाॅक्यूमैंट्री बनाई जाए मगर कभी वक्त आड़े आया तो कभी किस्मत। खैर, यह संतुष्टि है कि मैंने जब-जब उनके बारे में कहीं लिखा तो किसी न किसी ने उनकी मदद भी की। लीजिए उनसे हुई बातें पढ़िए। आलेख थोड़ा लंबा है मगर है दिलचस्प।



