-दीपक दुआ...
दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से निकलने के बाद हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री का रुख करने वाली अदाकारा सुष्मिता मुखर्जी ने दसियों फिल्मों और टी.वी. धारावाहिकों में काम किया। पुराने लोग उन्हें टी.वी. धारावाहिक ‘करमचंद’ में जासूस करमचंद बने पंकज कपूर की कमअक्ल सेक्रेटरी किटी’ के तौर पर जानते हैं तो नई पीढ़ी ने उन्हें रोहित शैट्टी की ‘गोलमाल’ में अंधी दादी और शाहिद कपूर वाली ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में देखा होगा। आजकल वह अभिनय में कम और लेखन व सामाजिक कामों में ज्यादा मसरूफ रहती हैं। दो-ढाई साल पहले अपने उपन्यास ‘मी एंड जूही बेबी’ के बाद अब वह अपना एक कहानी-संग्रह ‘बांझ’ लेकर आई हैं। पिछले दिनों अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी के दिल्ली आने पर मेरा उनसे मिलना हुआ। इस दौरान उन्होंने जो कहा, वह उन्हीं की जुबानी पेश है-




