-गति उपाध्याय... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक विधवा,
एक अछूत और एक किन्नर के प्रति तरह-तरह के पूर्वाग्रहों
से जकड़े समाज की क्रूरता पर बनी है यह फिल्म। कहानी में एक चौथी अघोषित नायिका भी
है-इंस्पेक्टर राजा रघुवंशी की पत्नी,
जो अन्याय का मौन प्रतिकार तो शुरू से करती है, अंत
में उसका मुखर होना दर्शकों को अवाक कर देता है।
एक छोटी अछूत अनाथ बच्ची हर किसी को बचाती, हंसाती
और स्कूल जाने के सपने के साथ बनारस के घाट पर दिखाई पड़ती है। उसका बचपन बचा लेने
के लिए एक थर्ड जेंडर पुलिस वालों के शोषण का शिकार होता है, जबकि
उसे नहीं पता कि वो कब तक उसे बचा पाएगा?
समझ नहीं आता कि वो किन्नर शोषित है या कि शोषक पुलिस
वाला।




