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Friday, 16 July 2021

रिव्यू-प्याली में ‘तूफान’

 -दीपक दुआ...  (This review is featured in IMDb Critics Reviews)   
छिछोरे नायक को नायिका की बात दिल पर लगती है तो वह पहलवानी करने लगता है। दोनों शादी भी कर लेते हैं। फिर कुछ ऐसा होता है कि वह पहलवानी छोड़ देता है। कुछ अर्से बाद वह लौटता है तो किसी और को नहीं बल्कि अपने-आप को जीतने के लिए।
 
ओह, सॉरी! यह तो सलमान खान वालीसुल्तानकी कहानी सुना दी। अब फरहान अख्तर वालीतूफानकी कहानी सुनिए।
 

Saturday, 17 August 2019

रिव्यू-सच के कई चेहरे हैं ‘बाटला हाउस’ में

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
19 सितंबर, 2008 को दिल्ली के बाटला हाउस’ (या बटला हाउस) की उस इमारत में असल में क्या हुआ था, इसे लेकर तब तरह-तरह की बातें सुनने में आई थीं। आज भले ही इस केस से जुड़ा काफी सारा सच सामने चुका हो फिर भी कुछ लोगों का मानना है कि उस दिन वहां वैसा नहीं हुआ जैसा पुलिस बताती है। वहां कोई आतंकी नहीं थे और पुलिस ने सिर्फ अपनी इज़्ज़त ढांपने के लिए वो फर्ज़ी एनकाउंटर किया था जिसमें कुछ बेकसूर छात्रों के साथ-साथ अपने ही एक इंस्पेक्टर को भी पुलिस वालों ने मार डाला था। यह फिल्म इसी केस से जुड़े पहलुओं, लोगों, उनकी मनोदशाओं और सामने आते सच-झूठ की पड़ताल करती है-कहीं यथार्थवादी तो कहीं फिल्मी तरीके से।

Thursday, 11 July 2019

रिव्यू-रियल हीरो की फिल्मी दास्तान दिखाती ‘सुपर 30’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक मेधावी छात्र गरीबी के कारण पढ़ने के लिए विदेश जा सका लेकिन शहर के एक महंगे कोचिंग सैंटर का स्टार टीचर बन कर तगड़ी कमाई करने लगा। एक दिन अपनी ही तरह के एक मेधावी मगर गरीब छात्र को देख कर उसकी आंखें खुलीं और उसने 30 गरीब मेधावी छात्रों को चुन कर उन्हें इंजीनियनिंग की प्रवेश-परीक्षा की तैयारी करवानी शुरू कर दी, अपने खर्चे पर। इस तरह से साल-दर-साल यह टीचर ऐसे 30 बच्चों के खाने-पीने, रहने-पढ़ने का खर्चा उठाता रहा और उनमें से ज्यादातर को आई.आई.टी. जैसे संस्थानों में पहुंचाता रहा। इस टीचर के रास्ते में ढेरों बाधाएं भी आईं लेकिन इसने हार मानी और एक दिन पूरी दुनिया ने इसे इज़्ज़त दी।