झारखंड का शहर जमशेदपुर। किज़ी बासु नाम की लड़की। कैंसर है उसे। हर जगह ऑक्सीज़न का सिलैंडर उठाए फिरती है। उदास रहती है। कब्रिस्तान में जाकर अनजान मृतकों के रिश्तेदारों के गले लग कर उन्हें सांत्वना देती है। इसी शहर में रहता है मैनी यानी इमैन्युअल राजकुमार जूनियर। इसे भी कैंसर है। एक टांग नकली है फिर भी बेहद ज़िंदादिल, खुशमिज़ाज, मसखरा किस्म का लड़का है। ये दोनों मिलते हैं। मैनी किज़ी से फ्लर्ट करता है। किज़ी धीरे-धीरे उसे अपने करीब आने देती है। इनमें प्यार भी हो जाता है मगर एक दिन...!
Showing posts with label saswata chatterjee. Show all posts
Showing posts with label saswata chatterjee. Show all posts
Saturday, 25 July 2020
रिव्यू--हल्की-फुल्की सी, ठंडी कुल्फी सी ‘दिल बेचारा’
झारखंड का शहर जमशेदपुर। किज़ी बासु नाम की लड़की। कैंसर है उसे। हर जगह ऑक्सीज़न का सिलैंडर उठाए फिरती है। उदास रहती है। कब्रिस्तान में जाकर अनजान मृतकों के रिश्तेदारों के गले लग कर उन्हें सांत्वना देती है। इसी शहर में रहता है मैनी यानी इमैन्युअल राजकुमार जूनियर। इसे भी कैंसर है। एक टांग नकली है फिर भी बेहद ज़िंदादिल, खुशमिज़ाज, मसखरा किस्म का लड़का है। ये दोनों मिलते हैं। मैनी किज़ी से फ्लर्ट करता है। किज़ी धीरे-धीरे उसे अपने करीब आने देती है। इनमें प्यार भी हो जाता है मगर एक दिन...!Friday, 14 July 2017
रिव्यू-लुभाती है सुहाती है जग्गा की जासूसी
-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
मुमकिन है यह सवाल आपके मन में भी कभी उठता हो कि कश्मीर हो, उत्तर-पूर्व या मध्य भारत का नक्सली इलाका, वहां के अलगाववादियों से लेकर दुनिया की वे तमाम जगहें, जहां हथियारबंद आतंकी मौजूद हैं, आखिर ये हथियार कोई तो पहुंचाता ही होगा। यह फिल्म ऐसे ही एक गैंग का पर्दाफाश करती है।
मुमकिन है यह सवाल आपके मन में भी कभी उठता हो कि कश्मीर हो, उत्तर-पूर्व या मध्य भारत का नक्सली इलाका, वहां के अलगाववादियों से लेकर दुनिया की वे तमाम जगहें, जहां हथियारबंद आतंकी मौजूद हैं, आखिर ये हथियार कोई तो पहुंचाता ही होगा। यह फिल्म ऐसे ही एक गैंग का पर्दाफाश करती है।
Subscribe to:
Posts (Atom)