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Saturday, 22 June 2019

रिव्यू-‘कबीर सिंह’-थोथा चना बाजे घना

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
कहानी-एक ही कॉलेज में पढ़ने वाले लड़के-लड़की में प्यार हो गया। लड़की के बाप को इनका रिश्ता पसंद नहीं। लड़की की शादी कहीं और करवा दी गई। लड़के ने खुद को शराब में डुबो लिया। फिर कुछ हुआ और लड़का सुधर गया।

देखा जाए तो कबीर सिंहकी कहानी बस इतनी ही है। लेकिन इस कहानी के चारों तरफ बहुत कुछ लपेटा गया है। इसके किरदारों के चारों तरफ भी कुछ आवरण हैं जो इसे बीते कुछ सालों में आई फिल्मों से हट करबनाते हैं। लेकिन यह हट करक्या सचमुच घिसी-पिटी लीक को तोड़ता है या फिर सिर्फ हटनेके लिए हटा गया है ताकि लोगों को इस झांसे में लेकर अपना माल बेचा जा सके कि देखिए, यह हट करवाला माल है?

Friday, 24 May 2019

रिव्यू-भाता है वह ‘मोदी’ तो भाएगी यह ‘मोदी’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Review)
जिस फिल्म का नाम पी एम नरेंद्र मोदीहो और जिसमें करोड़ों लोगों के प्रिय (और करोड़ों के अप्रिय भी) नेता नरेंद्र मोदी की जीवन-यात्रा दिखाई गई हो तो दर्शक उसमें क्या देखना चाहेंगे? इस सवाल के दो जवाब हो सकते हैं। पहला यह कि मोदी-समर्थक इस फिल्म में मोदी की महिमा का मंडन और उनका प्रशस्ति-गान देखना चाहेंगे और दूसरा यह कि मोदी-विरोधी इसे... देखना ही क्यों चाहेंगे? तो कुल जमा निष्कर्ष यह कि जब यह फिल्म देखनी ही मोदी समर्थकों ने है तो इसमें ऐसा कुछ क्यों डालना जो मोदी-विरोधियों को खुश करे? और जब इसे मोदी-विरोधियों ने देखना ही नहीं है तो क्यों इसमें ऐसी चीज़ें भरपूर मात्रा में डाली जाएं जो मोदी-समर्थकों को रास आएं? और जब रास आने वाली चीज़ें ही डालनी हैं तो फिर क्या तो सिर, क्या पैर, क्या तो लॉजिक और क्या तथ्य!

Saturday, 26 January 2019

रिव्यू-‘मणिकर्णिका’-वो तो झांसी वाली रानी थी

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critic Reviews)
रानी लक्ष्मीबाई की वीरता के किस्सों ने रानी को सचमुच हमारे जेहन में किसी मनुज नहीं बल्कि अवतारी का दर्जा दिया हुआ है। ऐसी रानी की कहानी पर कोई फिल्म बन कर आए तो ज़ाहिर है कि उसमें इतिहास में बयान वे उजले पक्ष तो होंगे ही जिन्होंने उन्हें एक असाधारण वीरांगना का दर्जा दिया, साथ ही दंतकथाओं के उन हिस्सों का होना भी लाजिमी है जिन्होंने रानी को आज भी हमारे दिलों में जीवित रखा हुआ है। इस फिल्म में वो सब है जो आप देखना चाहते हैं। लेकिन साथ ही ऐसा भी बहुत कुछ है जो इसे बनाने वाले आपको दिखाना चाहते हैं। फिर चाहे वो इतिहास का हिस्सा हो या नहीं।