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Sunday, 9 August 2020

रिव्यू-चरमराते रिश्तों का सस्पैंस सुलझाती ‘रात अकेली है’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
शहर के प्रतिष्ठित रईस ठाकुर रघुबीर सिंह का कत्ल हुआ है। उन्हीं के घर में, उन्हीं की बंदूक से, उन्हीं के परिवार के बीच। उनकी दूसरी शादी की रात को। ज़ाहिर है कि कातिल कोई घर का ही आदमी है। या फिर कोई औरत...? वो औरत, जो कल तक उनकी रखैल थी और आज शादी के बाद ठकुराईन? कत्ल की तफ्तीश इंस्पैक्टर जटिल यादव के ज़िम्मे है। नाम का जटिल लेकिन सुलझी हुई सोच वाला एक ऐसा इंसान जो सच को कहीं से भी खोद कर निकालने की हिम्मत और कुव्वत रखता है। पर क्या जटिल सुलझा पाएगा इस केस को, जिसके धागे खुलेंगे तो कइयों की नंगई सामने आएगी?

Friday, 23 March 2018

रिव्यू-च्च...च्च...‘हिचकी’, वाह...वाह...‘हिचकी’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक नामी स्कूल। होशियार बच्चे। काबिल टीचर। कुछ बच्चे नालायक। वे पढ़ना चाहते हैं उन्हें कोई पढ़ाना चाहता है। एक नया टीचर आता है। बाकियों से अलग। पढ़ाने का ढंग भी जुदा। नालायक बच्चे उसे भगाने की साज़िशें करते हैं। लेकिन वह डटा रहता है, टिक जाता है और उन्हीं नालायक बच्चों को होशियार बना देता है।