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Thursday, 11 March 2021

रिव्यू-‘रूही’ डराटी कम है, हंसाटी भी कम है

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
लड़कियों को अगवा करके अपने क्लाईंट से उनकी ज़बर्दस्ती शादी करवाने वाले अपने बॉस के कहने पर भंवरा और कट्टनी एक लड़की को उठा तो लाए हैं लेकिन शादी हो गई है कैंसिल। अब जंगल वाली फैक्ट्री में इस लड़की संग ये दोनोंअकेलेहैं। दिक्कत दरअसल यह है कि यह लड़की कभी तो नॉर्मल रहती है और कभी इसमें घुस आता है भूत। ओह सॉरी, भूत नहीं भूतनी। और वो भी सीनियर वाली यानी चुड़ैल। और चुड़ैल भी कैसी-मुड़िया पैरी, जिसके पैर मुड़े होते हैं-पंजे पीछे और एड़ी आगे। लेकिन इससे भी बड़ी दिक्कत यह कि इस नॉर्मल लड़कीरूहीसे भंवरा को प्यार हो गया है और इसके चुड़ैल वाले रूपअफ्ज़ासे कट्टनी को। अब कौन करेगा इससे शादी? किसका घर आबाद होगा और किसकी होगी बर्बादी?
 

Saturday, 16 May 2020

ओल्ड रिव्यू-सच के जुदा चेहरे दिखाती ‘तलवार’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
15-16 मई, 2008 की उस रात दिल्ली से सटे नोएडा के जलवायु विहार के उस फ्लैट में सचमुच क्या हुआ था, यह या तो मरने वाले जानते थे या मारने वाले जानते हैं। सालों तक चली तहकीकात में कुछ भी सामने नहीं आया। या फिर आने नहीं दिया गया? कहते हैं कि सच के कई चेहरे होते हैं। 14 साल की आरुषि और उसके अधेड़ उम्र नौकर हेमराज के कत्ल के बाद ऐसे कई चेहरे सामने आए और जिस को जो चेहरा माफिक लगा, उसने उसी को अपना लिया। इस फिल्म के आने से पहले क्राइम जर्नलिस्ट अविरूक सेन की किताब आरुषिको पढ़ने के बाद यह उम्मीद जगी थी कि थोड़ी-सी मेहनत और की गई होती तो इस केस का चेहरा कुछ और होता और काफी मुमकिन है कि अपनी ही मासूम बेटी और अधेड़ नौकर के कत्ल का आरोप झेल रहे तलवार दंपती बेदाग होते।

Sunday, 28 July 2019

रिव्यू-अर्जुन ‘लिटल-लिटल’ पटियाला

-दीपक दुआ...(Featured in IMDb Critics Reviews)
इस फिल्म में पांच गाने हैं, हीरो-हीरोइन का रोमांस है, कॉमेडी है, पांच विलेन हैं (जो अंताक्षरी खेलने के लिए तो नहीं रखे गए हैं) यानी एक्शन भी है, इमोशन भी है, सोशल मैसेज भी है, और हां, सनी (पा जी नहीं) लियोनी भी है। अब एक हिन्दी फिल्म में आपको और क्या चाहिए?