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Friday, 2 July 2021

ऑस्कर से आया विद्या संग इनको बुलावा

-दीपक दुआ...
हॉलीवुड की ऑस्कर अकादमी हर बरस पूरी दुनिया से ऐसे कलाकारों, लोगों को मेंबरशिप के लिए न्यौता देती है जिन्होंने सिनेमा के क्षेत्र में कुछ हट के या डट के किया हो। इस साल ऑस्कर अकादमी ने दुनिया के 49 देशों से 395 ऐसे लोगों को आमंत्रित किया है। इन 395 लोगों में 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। अपने यहां से विद्या बालन को अभिनय और एकता कपूर व शोभा कपूर को निर्माता की श्रेणी से बुलावा आया है। ऑस्कर से आए ई-मेल के मुताबिक पूरी लिस्ट यह है:- (ज़रा देखिए तो, इनमें भारत से और कौन हैं?)
The 2021 invitees are:

Friday, 18 June 2021

रिव्यू-अपने समाज का जंगलराज दिखाती ‘शेरनी’

इलाके में नई वन-अधिकारी आई है, विद्या विन्सेंट। जंगल की और जंगली जानवरों की देखभाल करना उसका काम है। वह अपना काम करना भी चाहती है-पूरी ईमानदारी से, निष्ठा से। लेकिन आड़े जाता है सिस्टम। जंगल में एक शेरनी आदमखोर हो चुकी है। गांव वालों को मार रही है। लोग इस शेरनी से मुक्ति चाहते हैं। विद्या चाहती है कि शेरनी भी बच जाए और लोग भी। लेकिन आड़े जाता है सिस्टम।
 

Thursday, 10 June 2021

ओल्ड रिव्यू-‘तीन’ में और तेरह में भी

कोरियाई फिल्में अब हिन्दी वालों को ज्यादा भा रही हैं। 2013 में आई दक्षिण कोरियाई फिल्ममोंटाजका रीमेकतीनएक सस्पैंस फिल्म है। एक बूढ़ा आठ साल पहले किडनैप हुई और फिर मारी गई अपनी नातिन के किडनैपर की खोज में अभी भी पागलों की तरह लगा हुआ है जबकि पुलिस इस केस से पल्ला झाड़ चुकी है और इस केस को देख रहा अफसर पुलिस की नौकरी छोड़ अब चर्च में पादरी बन चुका है। लेकिन नाना का कहना है कि वह इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेगा। अचानक शहर में एक और बच्चा किडनैप होता है। बिल्कुल उसी स्टाइल में और उसके बाद के तमाम वाकये भी वैसे ही घटते हैं जो आठ साल पहले हो रहे थे। आखिर राज़ खुलता है और सच सामने ही जाता है।
 

Monday, 3 August 2020

रिव्यू-अमेज़िंग ‘शकुंतला देवी’ की नॉर्मल कहानी

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
पांच साल की एक बच्ची चुटकियों में गणित की मुश्किल से मुश्किल गणनाएं कर देती है। कभी स्कूल तक नहीं गई इस बच्ची ने देश-विदेश में अपनेमैथ्स शोज़के ज़रिए भरपूर नाम, शोहरत, पैसा कमाया। कम्प्यूटर से भी तेज़ कैलकुलेशन करने के कारण उसेह्यूमैन कम्प्यूटरतक कहा गया।गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डमें उसका नाम भी आया। वह महान गणितज्ञ कहलाई, मशहूर ज्योतिषी बनीं, इंदिरा गांधी के विरुद्ध चुनाव में उतरी। उसने गणित, ज्योतिष, समलैंगिकता पर किताबें लिखीं, कई उपन्यास लिखे। उसी की ज़िंदगी पर बनी है यह फिल्म। कहिए है वह एक अमेज़िंग हस्ती...! काश, कि यह फिल्म भी उतनी ही अमेज़िंग हो पाती।

Sunday, 18 August 2019

रिव्यू-शाबाशियों की हकदार ‘मिशन मंगल’

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
भारत ने तय किया कि वह मंगल ग्रह पर अपना यान भेजेगा। अमेरिका, रूस जैसे देश तक पहली कोशिश में  नाकाम हो चुके थे। लेकिन भारतीय वैज्ञानिक जुट गए। दिन-रात एक कर दिया और एक दिन उन्होंने पहली ही कोशिश में मंगल पर अपना यान भेज भी दिया-दूसरे देशों के मुकाबले कहीं कम लागत में, कहीं कम समय में, कहीं ज़्यादा परफैक्शन के साथ।

यह कहानी नहीं, हकीकत है। और अगर इस हकीकत को पूरे हकीकती अंदाज़में दिखाया जाए तो सबसे पहले तमाम दर्शकों को एयरोस्पेस इंजीनियरिंग करवानी पड़ेगी और उसके बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में ले जाकर कम--कम साल भर की इंटर्नशिप। उसके बाद बड़े भारी-भरकम रिसर्च और तगड़ी वैज्ञानिक शब्दावली वाली फिल्म बन कर आएगी जिसे देख कर ये पढ़े-लिखेदर्शक कोई मीनमेख नहीं निकालेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। दूसरा तरीका यह है कि इस फिल्म की तमाम बातों को बड़े ही सहज, सरल शब्दों में, हिन्दी सिनेमा की तमाम खूबियों (इन्हें आप मसालाभी कह सकते हैं) के साथ इस तरह से दिखाया जाए कि इसे बच्चे भी आसानी से समझ सकें। इस फिल्म को बनाने वालों ने यही दूसरे वाला तरीका चुना है।