Showing posts with label milap milan zaveri. Show all posts
Showing posts with label milap milan zaveri. Show all posts

Saturday, 16 November 2019

रिव्यू-मसालों की बौछार में रपट कर ’मरजावां’

-दीपक दुआ...  (Featured in IMDb Critics Reviews)
चेतावनी : मसालेदार, चटपटी, बे-दिमाग फिल्में देखने, पसंद करने वाले ही आगे पढ़ें। बाकी लोग यहीं से पलट लें वरना रपट जाएंगे।

मुंबई अंडरवर्ल्ड का डॉन नारायण अन्ना। उसके बेटे जैसा हीरो रघु जो उसके एक इशारे पर जान ले-ले, दे-दे। इस बात से खफा उसका असली बेटा विष्णु रघु को दुश्मन मान बैठा है। रघु पर फिदा तवायफ आरज़ू। लेकिन रघु का दिल आया कश्मीर से आई ज़ोया पर। ज़ोया उसे सुधारना चाहती है। रघु-विष्णु की भिड़ंत में बेकसूर लोग मरने लगे तो रघु बागी हो उठा। लेकिन अन्ना के नमक ने उसे रोक लिया। आखिर एक दिन रघु ने बुरे लोगों को मार ही डाला।

Wednesday, 15 August 2018

रिव्यू-‘सत्यमेव जयते’-असली मसाले सच-सच

-दीपक दुआ... (Featured in IMDb Critics Reviews)
एक सीन देखिए। एक करप्ट पुलिस अफसर एक मां से कहता है तू यहां नमाज़ पढ़, अंदर मैं तेरे बेटे को मारता हूं। देखता हूं तेरा अल्लाह उसे कैसे बचाएगा। नमाज़ खत्म होने तक अपना हीरो आकर उस पुलिस वाले को मार देता है।

दूसरा सीन देखिए। एक और करप्ट पुलिस अफसर मोहर्रम के दिन एक मुस्लिम लड़की की इज़्ज़त पर हमला करता है। अपना हीरो आकर उस पुलिस वाले को मोहर्रम के मातम के बीच मार देता है।

आप कहेंगे कि यह फिल्म तो सिर्फ मुस्लिम दर्शकों को खुश करने के लिए बनाई गई है। ऐसा नहीं है जनाब, जब भी अपना हीरो किसी करप्ट पुलिस अफसर को मारता है तो पीछे से शिव तांडव स्तोत्र बजने लगता है। लीजिए, हो गए हिन्दू दर्शक भी खुश...?